लखनऊ, 13 मई (भाषा) इलाहाबाद की लखनऊ पीठ ने बुधवार को अदालत के समक्ष याचिका दायर करते समय महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के लिए एक वादी पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया।
उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि मामले में शिकायतकर्ता को राशि में से 30 हजार रुपये का भुगतान किया जाए, जबकि शेष 70 हजार रुपये राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के पास जमा किए जाएं।
यह आदेश न्यायमूर्ति बृज राज सिंह ने चंद्रमा देवी अग्रहरि की याचिका को खारिज करते हुए पारित किया।
सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता ने एक आपराधिक शिकायत मामले में सुल्तानपुर में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्टरेट एसीजेएम अदालत के समन आदेश को चुनौती दी थी।
हालांकि, उसने पहले ही सुल्तानपुर की सत्र अदालत के समक्ष उसी आदेश के खिलाफ आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर कर दी थी और उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी याचिका में इस तथ्य का खुलासा करने में विफल रही थी।
भाषा सं जफर राजकुमार
राजकुमार