मंडलायुक्त ने जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगायी

मंडलायुक्त ने जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगायी

मंडलायुक्त ने जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगायी
Modified Date: July 27, 2026 / 08:42 pm IST
Published Date: July 27, 2026 8:42 pm IST

मुरादाबाद (उप्र), 27 जुलाई (भाषा) मुरादाबाद मंडलायुक्त ने सोमवार को रामपुर के मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को मामले में अंतिम सुनवाई तक उसके परिसर में 38 इमारतों के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर रोक लगाकर अंतरिम राहत दी।

जौहर विश्वविद्यालय के संस्थापक आजम खान की पत्नी तज़ीन फातिमा ने सोमवार को कहा कि विश्वविद्यालय ने रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के ध्वस्तीकरण आदेश को मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत में चुनौती दी है।

मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि विश्वविद्यालय के वकील द्वारा एक आवेदन प्रस्तुत करने के बाद अंतरिम रोक लगा दी गई।

सिंह ने बताया कि सोमवार को मुरादाबाद के एक अधिवक्ता के देहांत के कारण मंगलवार को शोक सभा होनी थी जिस कारण जौहर विश्वविद्यालय की नियत तिथि पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती थी ।

उन्होंने कहा कि इसलिए जौहर विश्वविद्यालय के अधिवक्ता के दिए गए प्रार्थना पत्र को आज ही स्वीकार करते हुए अग्रिम आदेशों तक किसी भी प्रकार के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी गई है और यह आदेश इस प्रकरण की अंतिम सुनवाई तक प्रभाव में रहेगा।

उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड की जांच के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था।

आदेश में विश्वविद्यालय परिसर के 40 में से 38 भवनों को अवैध बताते हुए उन्हें गिराने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी।

आरडीए के आदेश के बाद मुरादाबाद मंडल समेत प्रदेश और देश के विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया था। विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर विद्यार्थी लगातार धरना दे रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी ध्वस्तीकरण के विरोध में प्रदर्शन किए।

विपक्षी दलों ने कार्रवाई को अनुचित बताते हुए इसे रोकने की मांग उठाई थी।

भाषा सं जफर राजकुमार

राजकुमार


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