उप्र के सरकारी स्कूलों में स्थापित होंगी ‘ड्रीम लैब’, छात्रों को मिलेगा एआई का प्रशिक्षण

उप्र के सरकारी स्कूलों में स्थापित होंगी ‘ड्रीम लैब’, छात्रों को मिलेगा एआई का प्रशिक्षण

उप्र के सरकारी स्कूलों में स्थापित होंगी ‘ड्रीम लैब’, छात्रों को मिलेगा एआई का प्रशिक्षण
Modified Date: May 23, 2026 / 09:09 pm IST
Published Date: May 23, 2026 9:09 pm IST

लखनऊ, 23 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के कम से कम 600 सरकारी स्कूलों में ‘ड्रीम लैब’ स्थापित की जाएंगी, जहां कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को कृत्रिम मेधा (एआई), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और थ्री-डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत समग्र शिक्षा (माध्यमिक), माध्यमिक शिक्षा विभाग और नेल्को लिमिटेड (टाटा एंटरप्राइज) सहित अन्य औद्योगिक समूहों के बीच शनिवार को यहां एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा, “यह समझौता केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य में निवेश है। तेजी से बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए छात्रों को इंडस्ट्री 4.0 आधारित कौशल से लैस करना समय की मांग है।”

स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि ‘ड्रीम लैब’ इस दिशा में एक सशक्त माध्यम बनेंगी, जहां छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी कौशल भी प्राप्त होंगे।

उन्होंने ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के प्रभावी संचालन, मशीनों की स्थापना, प्रशिक्षकों की गुणवत्ता, छात्रों की नियमित उपस्थिति और परिणाम आधारित निगरानी पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा, “जैसे मजबूत शुरुआत महत्वपूर्ण है, वैसे ही इसे सफल क्रियान्वयन तक पहुंचाना भी आवश्यक है, खासकर आकांक्षी जिलों में।”

इन लैब को आधुनिक नवाचार और कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को कृत्रिम मेधा (एआई), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), थ्री-डी प्रिंटिंग, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि विज्ञान, अक्षय ऊर्जा, ड्रोन प्रौद्योगिकी और डिजाइन थिंकिंग जैसी उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

बयान में कहा गया कि यह परियोजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) और स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप है जिसका उद्देश्य छात्रों में नवाचार, समस्या समाधान क्षमता, तकनीकी दक्षता और उद्यमिता कौशल विकसित करना है।

भाषा

जफर रवि कांत


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