लखनऊ, 21 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत राज्यभर की ईदगाहों और मस्जिदों में ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया और नमाज अदा की गई।
संभल, कौशांबी, देवरिया, अमेठी, झांसी, बरेली, मऊ और मेरठ समेत विभिन्न जिलों में त्योहार उल्लास पूर्वक मनाया गया।
लखनऊ के ऐशबाग ईदगाह में मुख्य नमाज हुई, जहां बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे।
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अगुवाई में नमाज अदा की गई और देश में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे के लिए दुआ की गई।
नमाज के बाद, दुनिया भर में शांति, आपसी संघर्षों की समाप्ति और लोगों की भलाई के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं, जिनमें मध्य-पूर्व जैसे क्षेत्रों में प्रभावित मामले भी शामिल थे।
वैश्विक घटनाक्रमों पर बात करते हुए, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भारत सरकार से वैश्विक शांति को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया, और इस संदर्भ में विदेशों में रहने वाले भारतीयों के महत्वपूर्ण योगदान का भी ज़िक्र किया।
इसमें विभिन्न धार्मिक समुदायों के नेताओं ने भी शिरकत की, जिनमें ईसाई और सिख समुदाय के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
यह उपस्थिति देश की मिश्रित संस्कृति और आपसी सौहार्द की परंपराओं को रेखांकित करती है।
ऐशबाग ईदगाह में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी तथा कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने पहुंचकर अमन-चैन की दुआ की।
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने भी ईदगाह पहुंचकर लोगों को बधाई दी।
जानकारों के अनुसार, सुन्नी समुदाय के नमाजियों ने ऐशबाग ईदगाह और टीले वाली मस्जिद (चौक) में नमाज अदा की, जबकि शिया समुदाय के लोगों ने आसिफी मस्जिद (बड़ा इमामबाड़ा) और ठाकुरगंज स्थित जामा मस्जिद में नमाज पढ़ी।
संभल जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईद की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई। 30 दिन के रोजे के बाद शाही जामा मस्जिद और ईदगाह में भारी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा कर देश की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ मांगी।
सपा नेता फिरोज खान ने ईदगाह पहुंचे नमाजियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया और नवरात्र के दौरान हिंदू श्रद्धालुओं पर भी पुष्प वर्षा कर प्रेम और भाईचारा बढ़ाने की बात कही।
सिरसी कस्बे में कुछ लोगों ने ईरान पर अमेरिका के हमले के विरोध में बाहों पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की।
संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि जिले में 765 मस्जिदों और 117 ईदगाहों में नमाज अदा की गई।
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान वर्क ने सिरसी में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करने के सवाल पर कहा कि शांतिपूर्ण विरोध उनका अधिकार है।
कौशांबी जिले में अकीदत के साथ ईद मनाई गई और ईदगाहों में हजारों हाथ अमन-चैन के लिए दुआ में उठे। मुख्य नमाज मंझनपुर स्थित शाही ईदगाह में अदा की गई। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद रही।
देवरिया जिले में भी ईद-उल-फितर उल्लास पूर्वक मनाया गया। शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क रहा। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने कोतवाली क्षेत्र स्थित मालवीय रोड ईदगाह, जामा मस्जिद सहित अन्य प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया।
अमेठी जिले में ईद का त्योहार भाईचारे के माहौल में मनाया गया। कड़े सुरक्षा इंतजाम और ड्रोन कैमरों की निगरानी में 117 मस्जिदों और 110 ईदगाहों में नमाज अदा की गई।
जिलाधिकारी संजय चौहान और पुलिस अधीक्षक सरवणन टी जायस ईदगाह में मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के साथ लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं।
झांसी में भी ईद-उल-फितर का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हालांकि इस दौरान शिया समुदाय के लोगों ने खामनेई की मौत के गम में ईद का त्यौहार सांकेतिक विरोध करते हुए सादगी के साथ मनाया।
सुबह करीब आठ बजे दतिया रोड स्थित ईदगाह पर पहुंचे मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने इमाम मुफ्ती साबिर काजमी की अगुवाई में परंपरागत रूप से ईद की नमाज अदा की।
इसके अलावा सुबह के समय मेवातीपुरा स्थित शिया मस्जिद में ईद-उल-फितर की नमाज मौलाना नावेद आब्दी ने अदा कराई।
इस मौके पर शिया समुदाय के लोगों ने ईद पर पुराने कपड़ों में ही काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की।
मौलाना आब्दी ने कहा, “अमेरिका-इजराइल ने हमारे रहबर और मासूम बेगुनाह बच्चों को शहीद किया है, उसके खिलाफ हम गम का इजहार कर रहे हैं इसी वजह से आज पूरी दुनिया में शिया समुदाय द्वारा ईद की खुशियां नहीं मनाई जा रही हैं और काली पट्टी भी इसी विरोध का हिस्सा है।”
उन्होंने साथ ही कहा, “हम उन सब चीजों का बहिष्कार कर रहे हैं जो अमेरिका-इजराइल और उसके सहयोगियों की है।”
मऊ में भी यह त्योहार सांप्रदायिक सद्भाव और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया गया।
मऊ में 461 मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई, जहां समाजवादी पार्टी (सपा) के स्थानीय सांसद राजीव राय ने औरंगाबाद ईदगाह में लोगों को बधाई दी।
शांतिपूर्ण समारोह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसमें पीएसी की तैनाती और ड्रोन से निगरानी शामिल थी।
बरेली में ईद-उल-फितर का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
प्रशासन के अनुसार, पूरे जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है और त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
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