पीलीभीत (उप्र), 10 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के पीलीभीत बाघ संरक्षित क्षेत्र(पीटीआर) से सटे गांवों में नेपाल के गौरी फंटा अभयारण्य से आए हाथियों के झुंड ने महुआ, गोयल कॉलोनी और सिरसा सरदाह सहित कई गांवों में सैकड़ों बीघा फसलें नष्ट कर दीं। अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की।
उन्होंने कहा कि गन्ना, गेहूं, धान, सरसों और मसूर की खड़ी फसलें हाथियों ने रौंदकर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।
वन दरोगा अमित तिवारी और डिप्टी रेंजर शेर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि टीमें मशाल और पटाखों की मदद से हाथियों को भगाने का प्रयास कर रही हैं।
महुआ गांव के प्रभावित किसानों श्रीकृष्णा और प्रेम प्रकाश ने बताया के खेतों में सिंचाई के लिए लगे पंपसेट को हाथियों ने पलट दिया और करीब 50 मीटर तक घसीट ले गए।
प्रेम प्रकाश ने बताया कि एक जनवरी से लगातार हाथी उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान गौरीशंकर ने कहा कि फसल बर्बाद होने से बच्चों की स्कूल फीस भरने तक की समस्या खड़ी हो गई है।
बरखेड़ा के विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने स्पष्ट किया कि किसानों का नुकसान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वन विभाग की ओर से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास जारी हैं।
हाथियों से प्रभावित किसानों में जगन्नाथ, रमनदीप सिंह, कुलविंदर कौर, हल्द्वारी लाल, लाल बहादुर समेत दर्जनों किसान शामिल हैं।
सभी किसानों ने सरकार और प्रशासन से जल्द मुआवजा दिलाने और हाथियों के आतंक से स्थायी राहत प्रदान करने की मांग की है।
बरखेड़ा विधायक प्रवक्तानंद ने इस प्रकरण पर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) भरत कुमार से फोन पर बात कर प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाने को कहा है।
भाषा सं आनन्द
संतोष
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