Raebareli News: 88 साल बाद फिरोज गांधी के ड्राइविंग लाइसेंस की होगी जांच! राज्य मंत्री ने कर दी ये मांग, जानें क्या है पूरा मामला?

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Raebareli News: 8 साल बाद फिरोज गांधी के ड्राइविंग लाइसेंस की होगी जांच! राज्य मंत्री कर दी ये मांग, जानें क्या है पूरा मामला?

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  • Publish Date - January 22, 2026 / 08:22 PM IST,
    Updated On - January 22, 2026 / 08:34 PM IST

Raebareli news | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • रायबरेली में फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस सौंपे जाने पर विवाद
  • राज्य मंत्री दिनेश सिंह ने लाइसेंस की वैधता की जांच की मांग की
  • राहुल गांधी के दौरे के दौरान आयोजक मंडल से जुड़े व्यक्ति ने यह लाइसेंस सौंपा

रायबरेली: Raebareli news रायबरेली में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश सिंह ने फिरोज गांधी के ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लाइसेंस की वैधता की जांच और यह पता लगाने की मांग की कि इसे सौंपने वाले व्यक्ति के पास यह कहां से आया।

Feroze Gandhi Driving Licence दिनेश सिंह ने कहा कि राहुल गांधी अपनी यात्रा को इवेंट बनाने के लिए ऐसे मामलों का सहारा ले रहे हैं। मनरेगा को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि योजना पहले से अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम पहले भी बदला जा चुका है, यह कोई नई बात नहीं। साथ ही अडानी-अंबानी का नाम लेने पर दिनेश सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। दिनेश सिंह ने मांग की कि यह जांच होनी चाहिए कि ड्राइविंग लाइसेंस वास्तविक और वैध है या नहीं।

इसके साथ ही राज्य मंत्री ने फेसबुक पोस्ट के जरिए भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि ‘क्या यह मुद्दा रायबरेली की जनता को गुमराह करने और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए उठाया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस किसी व्यक्ति विशेष की अपनी संपत्ति होती है उसे या तो अपने घर में होना चाहिए या अपने किसी वारिस के घर में होना चाहिए इनके घर में कैसे आया जिन्होंने प्रस्तुत किया। और यदि जिनके घर में पाया गया तो उन्होंने इतने दिन तक अपने घर में कैसे रखा उनके वारिसों को लौटाया क्यूं नहीं। जिनके घर में पाया गया उनको कैसे मिला।’

‘फिरोज गांधी जी ने स्वयं दिया या कही पड़ा पाया गया। क्या पाया गया ड्राइविंग लाइसेंस विधिक रूप से बना है या फर्जी बनाकर खटाखट की भांति राहुल एंड कंपनी के द्वारा एक बार फिर रायबरेली के लोगों को गुमराह किया जा रहा है जो अपराध की श्रेणी में आता है। ध्यान रहे रायबरेली में अब दिनेश सिंह के रहते आपके छल कपट चलने वाले नहीं है रायबरेली की देवतुल्य जनता के सामने आप बेनकाब होंगे।’

कैसे शुरू हुआ विवाद?

दरअसल, राहुल गांधी हालही में रायबरेली के दौर पर थे। दौरे के दूसरे दिन रायबरेली प्रीमियर लीग के आयोजक मंडल से जुड़े विकास सिंह नामक व्यक्ति ने उन्हें यह ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा। विकास सिंह का दावा है कि यह लाइसेंस वर्षों पहले एक कार्यक्रम के दौरान उनके ससुर को अचानक मिला था। इसके बाद उनके ससुर और फिर सास ने इसे संभालकर रखा और अब राहुल गांधी को सौंपा गया। जिसके बाद राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश सिंह ने सवाल खड़े कर दिए।

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विवाद कैसे शुरू हुआ?

राहुल गांधी के रायबरेली दौरे में विकास सिंह ने उन्हें फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा, जिसके बाद सवाल उठे।

लाइसेंस किसने सौंपा?

रायबरेली प्रीमियर लीग के आयोजक मंडल से जुड़े विकास सिंह ने यह लाइसेंस सौंपा।

राज्य मंत्री दिनेश सिंह ने क्या कहा?

उन्होंने लाइसेंस की वैधता की जांच की मांग की और कहा कि राहुल गांधी इसे इवेंट बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।