मथुरा (उप्र), 16 जनवरी (भाषा) वृंदावन में श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए शुक्रवार को संपत्ति की पहली रजिस्ट्री सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि बिहारिपुरा इलाके में संपत्ति संख्या-25 के 69.26 वर्ग मीटर हिस्से की रजिस्ट्री कॉरिडोर निर्माण के लिए तहसीलदार सदर के नाम कराई गई। इस भूमि का विक्रय-विलेख गोस्वामी परिवार के सदस्यों यति गोस्वामी, अभिलाष गोस्वामी और अनिकेत गोस्वामी ने निष्पादित किया।
उन्होंने बताया कि यह पहली रजिस्ट्री जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा के प्रयासों से संपन्न हुई, जो कॉरिडोर निर्माण के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।
शुक्रवार को जारी सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह रजिस्ट्री जिला प्रशासन और उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के संयुक्त प्रयासों से पूरी हुई।
उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार गठित इस समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक कुमार की अध्यक्षता में प्रशासन, पुलिस, पुरातत्व विभाग और गोस्वामी समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं।
समिति ने मंदिर के गोस्वामियों, सेवायतों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ लगातार बैठकें कर उनके सुझावों को योजना में शामिल किया है।
प्रस्तावित कॉरिडोर वृंदावन की प्राचीन दिव्यता को बनाए रखते हुए आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इसके निर्माण से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर नयी पहचान मिलेगी और ठाकुर जी के भक्तों के लिए दर्शन की राह आसान होगी।
कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण, बैठने की व्यवस्था, पेयजल सुविधा तथा सुगम प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे, जिससे संकरी गलियों में भीड़ का दबाव कम होगा।
अब तक श्रद्धालुओं को वृंदावन की संकरी गलियों के कारण भारी असुविधा और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ता था। कॉरिडोर बनने के बाद श्री बांके बिहारी जी के दर्शन अत्यंत सुगम हो जाएंगे।
जिला प्रशासन ने लोगों से इस कार्य में सहयोग करने की अपील की है, ताकि ब्रज की महिमा वैश्विक पटल पर और अधिक उजागर हो सके।
भाषा सं जफर खारी
खारी