पीलीभीत में बच्ची की हत्या के मामले में पिता समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास

पीलीभीत में बच्ची की हत्या के मामले में पिता समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास

पीलीभीत में बच्ची की हत्या के मामले में पिता समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास
Modified Date: August 25, 2026 / 09:49 am IST
Published Date: August 25, 2026 9:49 am IST

पीलीभीत (उप्र), 25 अगस्त (भाषा) पीलीभीत जिले की एक अदालत ने नौ वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में उसके पिता समेत पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 22-22 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम से जुड़े मामले की सुनवाई करने वाले अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार हिमांशु ने अमरिया थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में हुई इस हत्या को अत्यंत क्रूर और अक्षम्य मानते हुए मुख्य आरोपी पिता अनीश को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने साजिश में शामिल चार अन्य दोषियों शादाब, नसीम, सलीम और शहजादे को भी आजीवन कारावास की सजा दी। सभी पांच दोषियों पर कुल 1.10 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

अभियोजन अधिकारी देवेंद्र कुमार के अनुसार, अनीश और उसके भाई शादाब के खिलाफ गांव के साकिल ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। दोनों के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद आरोपी पक्ष साकिल पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था।

उन्होंने बताया कि साकिल के इनकार करने पर उसे हत्या के झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची गई और अनीश की नौ वर्षीय बेटी अनम को इसका मोहरा बनाया गया।

कुमार ने बताया कि घटना दो दिसंबर, 2022 की है। इस संबंध में अमरिया थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

उन्होंने बताया कि आरोपी बच्ची को उर्स मेले में ले गए थे और लौटते समय रास्ते में उसे खेत में नींद की गोली खिलाई गई। बच्ची के अचेत होने के बाद उसके पिता अनीश ने उसके सिर पर ईंट से वार किया और फिर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी।

अभियोजन अधिकारी ने बताया कि इसके बाद शव को पराली में छिपा दिया गया। बाद में अनीश खुद थाने पहुंचा और बेटी के लापता होने की झूठी तहरीर दी।

जांच के दौरान सामने आया कि हत्या किए जाने के दौरान बच्ची तड़प रही थी, लेकिन पिता उसे अस्पताल ले जाने के बजाय उसका वीडियो बना रहा था।

पुलिस ने साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ीं। जांच में साकिल को निर्दोष पाए जाने के बाद उसका नाम मामले से हटा दिया गया और पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया।

इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी की और सोमवार को पांचों दोषियों को सजा सुनाई।

भाषा सं आनंद वैभव खारी

खारी


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