शह मात The Big Debate: उधर ‘पट्टे’ की तैयारी.. इधर बयान-तंज जारी! छत्तीसगढ़ में शहरी गरीबों को मिलेंगे पट्टे, क्या वास्तविक पात्रों को मिल पाएगा इसका लाभ?

उधर 'पट्टे' की तैयारी.. इधर बयान-तंज जारी! छत्तीसगढ़ में शहरी गरीबों को मिलेंगे पट्टे, Urban poor will get lease in Chhattisgarh

शह मात The Big Debate: उधर ‘पट्टे’ की तैयारी.. इधर बयान-तंज जारी! छत्तीसगढ़ में शहरी गरीबों को मिलेंगे पट्टे, क्या वास्तविक पात्रों को मिल पाएगा इसका लाभ?
Modified Date: August 25, 2026 / 12:05 am IST
Published Date: August 24, 2026 11:55 pm IST

रायपुरः Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ में सियासी गलियारे में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि मौजूदा सरकार को ढाई साल बाद पट्टे क्यों बांटने पड़ रहे हैं। दावा है कि सरकार पुख्ता तैयारी से, नियम-कायदे और जरूरत के हिसाब से जनहित वाले काम करती है, लेकिन कांग्रेस इसे सरकार का सियासी मजबूरी बताकर तंज कस रही है। सफाई में बीजेपी ने भी नियम-कायदे और प्रक्रिया बताई है लेकिन सच क्या है योजना जरूरी या मजबूरी खुलकर बहस होगी।

Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ में सरकार लंबे समय से शासकीय जमीन पर बसे शहरी गरीबों को पट्टा देने की तैयारी में है। 15 अगस्त तक प्रदेश के शहरी इलाके के पात्र हितग्राहियों के सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। अब सभी जिला कलेक्टर्स से मिली रिपोर्ट की इसी महीने समीक्षा होगी। इसके बाद पात्र हितग्राहियों को पट्टा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी..सरकार के मुताबिक, शासकीय जमीन पर 20 अगस्त 2017 से पहले से निवासरत आवासहीन व्यक्ति को निगम क्षेत्र में 600 वर्गफीट और अन्य नगरीय निकायों में 800 वर्गफीट तक पात्रता के आधार पर पट्टे दिए जाने की तैयारी है। पात्रता सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों को आधार बनाया गया है, जिसमें मतदाता सूची, बिजली बिल, टेलीफोन बिल, संपत्तिकर या समेकित कर की पंजी, जलकर के दस्तावेज, भवन या दुकान अनुज्ञा, पुराने पट्टे, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों से पात्रता और निवास की पुष्टि की जाएगी। प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा पात्र पाए जाने वाले आवासहीन परिवारों को शासकीय भूमि का लिए पट्टा दिया जाएगा, ताकि उन्हें अपने पक्के आवास का कानूनी अधिकार मिल सके।

इधर, विपक्ष का आरोप है कि ढाई साल में सरकार के पास अपनी कोई उपलब्धी नहीं, सत्तापक्ष को अपनी जमीन खिसकती नजर आई तो गरीबों को पट्टा वितरण की याद आई। डहरिया का दावा है कि कांग्रेस सरकार ने कई बार पट्टे बांटे जबकि बीजेपी सरकार आने के बाद प्रक्रिया बंद हो गई। आरोप पर जवाब दिया बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने, कहा कि कांग्रेस ने हर मुद्दे पर गरीबों को ठगा है। हालांकि, राज्य में पट्टा वितरण कार्य पहली बार नहीं हो रहा। छत्तीसगढ़ में डॉ रमन सिंह की सरकार के पंद्रह साल और कांग्रेस की भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार के दौर में भी पट्टा वितरण किया गया लेकिन अब भाजपा की साय सरकार के दौर में ये पहली बार होगा जब शहरी आवासहीनों को आवास दिया जाएगा। एक तरफ सरकार सर्वे पूरा होने और इसी महीने कलेक्टरों की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद पट्टा वितरण की बात कह रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे राजनीतिक कवायद बता रही है। सवाल है कि क्या पट्टा वितरण पर मौजूदा सरकार ने किसी मजबूरी में कदम आगे बढ़ा हैं? क्या विपक्ष के आरोप सही हैं?

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।