जन्मभूमि के ऋण से मुक्त होना ही सच्ची देशभक्ति: मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
जन्मभूमि के ऋण से मुक्त होना ही सच्ची देशभक्ति: मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
(फाइल फोटो के साथ)
मऊ(उप्र), 29 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि जन्मभूमि के ऋण से मुक्त होना ही सच्ची देशभक्ति है।
उन्होंने मऊ जिले के ताजोपुर गांव में ग्रामीण सैनिक अस्पताल के उद्घाटन अवसर पर यह बात कही।
एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना और विभिन्न संस्थानों में वर्षों सेवा देने के बाद ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह का अपने गांव लौटकर वहां अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, आईटीआई और सैनिक पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों की स्थापना करना पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है।
आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि लंका विजय के बाद जब लक्ष्मण ने स्वर्णमयी लंका की समृद्धि की चर्चा की थी, तब भगवान श्रीराम ने कहा था, “अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते। जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी। यानी सोने से बनी हुई यह लंका भी मुझे आकर्षित नहीं करती, क्योंकि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी अधिक श्रेष्ठ और महान हैं।”
मुख्यमंत्री ने इसे भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन बताते हुए कहा कि चाहे व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न बन जाए, उसकी जन्मभूमि और मातृभूमि से बड़ा कुछ नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह ने इसी आदर्श को अपने जीवन में उतारा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव लौटकर ब्रिगेडियर सिंह ने जिस प्रकार स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के केंद्र खड़े किए हैं, वह ग्रामीण भारत के लिए विकास का आदर्श मॉडल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका ब्रिगेडियर पी.एन. सिंह से संबंध लगभग 15-16 वर्ष पुराना है, तभी से वह उनके समाजसेवा और राष्ट्रसेवा से जुड़े कार्यों के बारे में सुनते रहे हैं और आज उन्होंने अपनी आंखों से इसे देखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये संस्थान केवल भवन नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभ हैं क्योंकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि एक समय पहचान के संकट से जूझने वाला मऊ आज इन संस्थानों की वजह से नई पहचान प्राप्त कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने विकसित भारत का सपना गांवों के विकास से ही साकार होने का दावा करते हुए कहा कि प्रदेश विकसित तभी होंगे, जब जनपद विकसित होंगे और जनपद तभी विकसित होंगे, जब ताजोपुर जैसे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे।
उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकार के उत्कृष्ट और राष्ट्रहित से जुड़े उपक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
भाषा जफर रवि कांत राजकुमार
राजकुमार

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