बांदा (उप्र), चार फरवरी (भाषा) नोएडा के कुख्यात अपराधी और गैंगस्टर रविन्द्र सिंह उर्फ रवि काना की कथित तौर पर गैरकानूनी रिहाई के मामले में निलंबित बांदा जेल के जेलर और जेल अधीक्षक के विरुद्ध मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
बांदा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पलाश बंसल ने बताया कि जेल चौकी प्रभारी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर अपराधी रवि काना की रिहाई से संबंधित इस मामले में शहर कोतवाली में जेल अधीक्षक, जेलर और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो इस बात की गहन पड़ताल कर रही है कि किन परिस्थितियों में अभियुक्त को रिहा किया गया।’’
गौतम बुद्ध नगर का कबाड़ माफिया एवं गैंगस्कर रवि काना का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उसके खिलाफ दर्ज कई गंभीर मामलों के सिलसिले में वह बांदा जेल में बंद था।
नोएडा पुलिस के अनुसार, रवि काना गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में डी-190 के रूप में पंजीकृत एक संगठित आपराधिक गिरोह का सरगना है, जिसमें 18 सदस्य हैं। उसके खिलाफ कुल 29 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि उसके गिरोह के खिलाफ 131 मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरोह स्क्रैप व स्टील की चोरी व लूट, जबरन वसूली, व्यापारियों व बिल्डरों को धमकी देने सहित संगठित अपराधों तथा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर व दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अपराध की आय से बेनामी संपत्तियां अर्जित करने में शामिल है।
पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत फरवरी से नवंबर 2024 के बीच जारी अदालती आदेशों के आधार पर रवि काना, उसके परिजनों और संबंधित कंपनी की 92.65 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियां जब्त की गई थीं।
अधिकारियों ने बताया कि जब्त संपत्तियों में ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक भूखंड, बुलंदशहर की जमीन, कई व्यावसायिक वाहन, बैंक खाते और कई कंपनियां शामिल हैं, जिनका कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन को वैध में तब्दील करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
नोएडा पुलिस ने बताया कि 2023 में इकोटेक-3 थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में रवि काना को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत दे दी थी, जिसकी शर्तों में पासपोर्ट जमा करना और जांच में सहयोग करना शामिल था। हालांकि, उसने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया और कथित तौर पर एक जनवरी 2024 को बिना पासपोर्ट जमा किए विदेश चला गया।
पुलिस के अनुसार, इसके बाद चार जनवरी 2024 को उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया और 24 अप्रैल 2024 को दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
भाषा सं किशोर जफर खारी
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