चंडीगढ़, 21 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने हरियाणा में सिंचाई, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को 6,175 परियोजनाओं के लिए ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत लगभग 15,056 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
यह जानकारी नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान दी गई। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
रस्तोगी ने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण परिवर्तन को गति देने और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में एक अहम भागीदार बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण अवसंरचना, टिकाऊ कृषि, वित्तीय समावेशन और सशक्त सामुदायिक संस्थाएं ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को डिजिटल बनाने और उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि ग्रामीण सहकारी ढांचे को सुदृढ़ किया जा सके।
समारोह में नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक निवेदिता तिवारी ने बताया कि संस्था ने हरियाणा में 710 पैक्स का कंप्यूटरीकरण एवं डिजिटलीकरण किया है और 131 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा दिया है।
उन्होंने कहा कि इन एफपीओ के जरिये 63,369 किसान जुड़े हैं, जिससे सामूहिक विपणन, बेहतर कीमत और कृषि मूल्य शृंखला से जुड़ाव मजबूत हुआ है।
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