उत्तर प्रदेश में लू चलने की चेतावनी, ‘रेड अलर्ट’ जारी

उत्तर प्रदेश में लू चलने की चेतावनी, ‘रेड अलर्ट’ जारी

उत्तर प्रदेश में लू चलने की चेतावनी, ‘रेड अलर्ट’ जारी
Modified Date: May 22, 2026 / 10:56 am IST
Published Date: May 22, 2026 10:56 am IST

लखनऊ, 22 मई (भाषा) लखनऊ में मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 10 जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया और ‘गंभीर’ से ‘बहुत गंभीर’ लू चलने की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग के मुताबिक, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, वाराणसी, भदोही और जौनपुर जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है, जहां दिन के दौरान भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है।

सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित 34 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जहां लू चलने और गंभीर लू की स्थिति का पूर्वानुमान जताया गया है।

मौसम कार्यालय ने देवरिया, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, कासगंज, अमरोहा, शाहजहांपुर, संभल और बदांयू समेत 17 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है, जिसमें लू की स्थिति का अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग ने कहा कि अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है, जबकि सप्ताह के दौरान राज्य में कहीं और कोई बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।

मौसम कार्यालय द्वारा जारी चेतावनी वर्गीकरण के तहत ‘येलो अलर्ट’ का मतलब होता है कि लोग अपडेट रहें। विभाग ने बताया कि लू की स्थिति दो दिनों तक बनी रह सकती है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ में निवासियों और अधिकारियों को तैयार रहने की सलाह दी जाती है और विभाग के अनुसार, गंभीर लू की स्थिति दो दिनों तक जारी रह सकती है या अलग-अलग तीव्रता की लू की स्थिति चार दिनों या उससे अधिक समय तक बनी रह सकती है।

‘रेड अलर्ट’ में तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया जाता है और मौसम विभाग के मुताबिक गंभीर लू की स्थिति दो दिनों से अधिक समय तक जारी रहने और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश बृहस्पतिवार को भीषण गर्मी की चपेट में रहा और बांदा में राज्य का सबसे अधिक तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रयागराज में 46.6 डिग्री सेल्सियस, वाराणसी (बीएचयू) में 45.6 डिग्री सेल्सियस, सुल्तानपुर और हमीरपुर में 45.2 डिग्री सेल्सियस, फुर्सतगंज में 45.1 डिग्री सेल्सियस और झांसी में 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

लखनऊ का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक था जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक था।

मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 59 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 15 प्रतिशत दर्ज की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को पूर्ण सतर्कता बरतने और गर्मी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही जिला प्रशासन, अस्पतालों, बिजली और राहत विभागों को दवाओं, बिस्तरों, आईवी तरल पदार्थों, पीने के पानी और 24 घंटे एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता तथा आग से बचाव की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मौजूदा चरम स्थितियों के लिए किसी सक्रिय मौसम प्रणाली की अनुपस्थिति, साफ आसमान के कारण विकिरण बढ़ने से तापमान और गर्मी बढ़ने तथा शुष्क पश्चिमी हवाओं को जिम्मेदार बताया है।

भाषा जफर शोभना सुरभि

सुरभि


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