(तस्वीरों के साथ)
लखनऊ, नौ जुलाई (भाषा) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया, जिसमें राज्य भर में मानसून की गतिविधि तेज होने के कारण अगले 24 घंटों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया। वहीं, बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि संत कबीर नगर जिले के अलग-अलग गांवों में बिजली गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कुशीनगर में बिजली गिरने से 14 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि बुलंदशहर में भारी बारिश के बाद खुर्जा के मुंडाखेड़ा गांव में अस्थायी तंबू पर दीवार गिर जाने से दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र-लखनऊ के अनुसार, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं समेत जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है।
मौसम कार्यालय ने कहा कि 11 जुलाई तक राज्य भर में व्यापक वर्षा होने की उम्मीद है, अगले दो से तीन दिनों में तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।
राज्य की राजधानी लखनऊ में बृहस्पतिवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच 27.2 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम है और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक है। सापेक्ष आर्द्रता 94 प्रतिशत तक पहुंच गई और शहर में अगले 24 घंटों में रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। आईएमडी ने लखनऊ और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
संत कबीर नगर में, उप जिलाधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि कटया गांव की चांदनी (17) और परतापुर गांव की वर्साना (60) की मेहदावल तहसील में अपने खेतों में काम करते समय आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मांगी गई है और शोक संतप्त परिवारों को सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि कुशीनगर में विशुनपुरा थाना क्षेत्र के ठाढ़ीभार गांव में राहुल कुमार (14) की खेत में आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि परिवार ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया।
बुलंदशहर पुलिस क्षेत्राधिकारी शोभित कुमार ने कहा कि मुंडाखेड़ा गांव में शाम करीब पांच बजे दीवार गिर गई, जिससे एक खाली भूखंड के बगल में अस्थायी तंबू में रह रहे छह लोग दब गए।
उन्होंने बताया कि इस घटना दो लोगों की मौत हो गई जबकि चार घायल हो गए। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य पूरा हो चुका है और किसी और के फंसे होने की आशंका नहीं है।
भारी बारिश से नोएडा और पड़ोसी जिले गाजियाबाद में भी सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बड़े पैमाने पर जलभराव और यातायात जाम से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।। वहीं, वसुंधरा सेक्टर-13 में एक सड़क धंस गई।
एक निर्माणाधीन बेसमेंट के बगल में एक आवासीय क्षेत्र की सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे खड़ी कार और स्कूटर गड्ढे में गिर गए, जबकि पास का एक बिजली का खंभा भी गड्ढे में झुक गया। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
नोएडा के कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, पानी भरी सड़कों पर वाहन खराब हो गए और लंबे यातायात जाम की खबरें आईं, जबकि गाजियाबाद में सरकारी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई।
बारिश के कारण नोएडा सेक्टर-33 स्थित परिवहन विभाग का कार्यालय जलमग्न हो गया, वहीं प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने और महिला थाने में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान मेरठ में 94.9 मिमी, मुजफ्फरनगर में 68.2 मिमी, बरेली वेधशाला में 58.8 मिमी और मुरादाबाद में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई। अन्य प्रमुख स्टेशनों में अलीगढ़ (18 मिमी), कानपुर (आईएएफ) (15.8 मिमी), प्रयागराज (13.2 मिमी), शाहजहांपुर (10 मिमी), आज़मगढ़ (9.4 मिमी), हरदोई (9.2 मिमी) और सुलतानपुर (6 मिमी) शामिल हैं।
राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान आगरा में 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके बाद झांसी और बस्ती में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस के साथ मेरठ सबसे ठंडे प्रमुख शहरों में रहा, जबकि मुजफ्फरनगर में 26.5 डिग्री सेल्सियस और अलीगढ़ में 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आईएमडी ने कहा कि उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश पर कम दबाव प्रणाली और संबंधित ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण मानसून गतिविधि मजबूत हुई है, जिसके अगले 24 घंटों में उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश होगी।
विभाग ने ‘रेड और ऑरेंज अलर्ट’ वाले जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि तीव्र वर्षा से जलभराव, यातायात बाधित हो सकता है।
राज्य के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने के साथ आंधी चलने की भी संभावना है।
भाषा जफर सं शफीक
शफीक