Vande Bharat: सड़क से स्कूल पहुंची विवाद की ‘आग’, हिंदू बच्चों से लिखवाया I LOVE मोहम्मद, लव के नाम पर ये कैसी ‘हेट स्टोरी’? देखिए ये वीडियो

सड़क से स्कूल पहुंची विवाद की 'आग', हिंदू बच्चों से लिखवाया I LOVE मोहम्मद, Hindu children in Sitapur were forced to write "I LOVE Mohammed"

Vande Bharat: सड़क से स्कूल पहुंची विवाद की ‘आग’, हिंदू बच्चों से लिखवाया I LOVE मोहम्मद, लव के नाम पर ये कैसी ‘हेट स्टोरी’? देखिए ये वीडियो
Modified Date: September 30, 2025 / 12:05 am IST
Published Date: September 29, 2025 11:51 pm IST

सीतापुर। Vande Bharat: वंदे भारत की शुरुआत यूपी से जहां सड़क पर छिड़ी आई लव मोहम्मद वाली लड़ाई स्कूलों तक पहुंच गई है। स्कूलों में जहां बच्चों के भविष्य की बुनियाद रखी जाती है। इस विवाद में बच्चों तक को घसीट लिया गया है। खबर हैरान करने वाली है क्योंकि सीतापुर के एक स्कूल में हिंदू बच्चों से जबरन आई लव मोहम्मद लिखवाया जा रहा है।

Vande Bharat: ‘आई लव मोहम्मद’ के स्लोगन और पोस्टर पर छिड़ा विवाद अब स्कूलों तक पहुंच गया है। तस्वीर यूपी के सीतापुर के महमूदाबाद के अमर बापू शिक्षा निकेतन विद्यालय की है, जहां छात्रों से जबरन आई लव मोहम्मद के स्लोगन चार्ट बनवाए गए। इतना ही नहीं टीचर ने इन्हें बाकायद चेक किया और उस पर लाल पेन से कमेंट भी लिखे। हैरानी की बात है कि सभी बच्चों हिंदू है और उनसे जबरन आई लव मोहम्मद लिखवाने का आरोप स्कूल संचालित करने वाले शौकत अंसारी पर है। इस घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की।

फिलहाल पुलिस ने धार्मिंक उन्माद फैलाने के आरोप में स्कूल संचालक और एक शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि स्कूल ने जानबूझकर प्रतियोगिता रखी और बच्चों को ‘आई लव मोहम्मद’ लिखने के लिए बाध्य किया गया। इस फसाद पर सियासत भी चरम पर है। ‘आई लव मोहम्मद’ स्लोगन का विवाद जहां स्कूलों तक पहुंच गया। वहीं सोमवार को भी इससे लेकर यूपी के कुछ शहरों में तनाव जारी रहा। फतेहपुर में मकबरा मंदिर विवादित स्थल के आसपास कई घरों के बाहर ‘आई लव मोहम्मद’ के झंड़े और पोस्टर लगाए गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी पोस्टर-झंडे हटवाए। जाहिर है 26 सितंबर को बरेली में जुमे की नमाज के बाद पैदा हिंसा और तनाव के बाद योगी दंगेबाजों को दो टूक चेतावनी दे चुके हैं।

आई लव मोहम्मद विवाद की शुरुआत 4 सितंबर को कानपुर से हुई थी, जब ईद मिलाद-उन्नबी के जुलूस के दौरान एक समूह ने आई लव मोहम्मद लिखा बैनर/लाइटबोर्ड जुलूस मार्ग पर लगाया। हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया। विवाद बढ़ा तो यूपी से लेकर MP तक I Love Muhammad’ के जवाब में आई लव महाकाल और आई लव महादेव के पोस्टर-झंडे लहराए लगे, लेकिन जिस तरह से विवाद और फसाद में स्कूल और बच्चों को घसीटा जा रहा है। उससे कई सवाल उठ रहे हैं।

इन्हें भी पढ़ेंः-


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।