लखनऊ/कानपुर, 20 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी)-लखनऊ के निदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
वहीं आईआईआईटी-लखनऊ ने वर्ष 2025-26 के बीटेक बैच के लिए रिकॉर्ड प्लेसमेंट के आंकड़े घोषित किए हैं।
संस्थान के अनुसार, वर्ष 2025-26 के बीटेक बैच का औसत वार्षिक वेतन पैकेज पिछले वर्ष के 33.71 लाख रुपये से बढ़कर 40 लाख रुपये हो गया है जबकि ‘मीडियन पैकेज’ 26 लाख रुपये से बढ़कर 41.5 लाख रुपये हो गया है, जो संस्थान का अब तक का सर्वाधिक ‘मीडियन’ पैकेज है।
संस्थान द्वारा आंकड़ों के अनुसार, 217 पात्र विद्यार्थियों में से 204 को नौकरी मिली, जिससे प्लेसमेंट दर 94.01 प्रतिशत रही।
प्रोफेसर शेरी के भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम)-शिलांग का निदेशक नियुक्त होने के बाद अग्रवाल को आईआईआईटी-लखनऊ का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
कार्यभार संभालने के बाद अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि आईआईआईटी-लखनऊ व्यापक संभावनाओं वाला संस्थान है और उनकी पहली प्राथमिकता इसके दीर्घकालिक विकास के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘आईआईआईटी-लखनऊ एक नया संस्थान है। इसे निरंतर विकास और सतत प्रयासों की जरूरत है। मैंने आज (सोमवार को) कार्यभार संभाला है और मेरी पहली प्राथमिकता भविष्य की रणनीति तैयार करना, संस्थान की जरूरतों की पहचान करना तथा उन्हें पूरा करना होगी।’’
अग्रवाल ने कहा कि वह आईआईटी-कानपुर के साथ-साथ आईआईआईटी-लखनऊ के प्रति भी समान रूप से प्रतिबद्ध रहेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रशासनिक कार्यों और संस्थान के दैनिक संचालन के लिए एक समर्पित टीम बनाई जाएगी।
अग्रवाल ने बताया, ‘‘हम ऐसी रणनीति तैयार करेंगे जिससे रोजमर्रा के कार्य कुशलतापूर्वक संचालित हो सकें। मैं अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहूंगा और नियमित रूप से संस्थान का दौरा करूंगा।’’
संस्थान के अनुसार, कंप्यूटर साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (सीएसएआई) के छात्र वेदांत गोरे को एक करोड़ रुपये वार्षिक का सर्वाधिक घरेलू पैकेज मिला है।
उन्हें ग्लोबल डेटा मैनेजमेंट कंपनी ‘रूब्रिक’ ने नियुक्त किया है।
अधिकारियों के अनुसार, विद्यार्थियों को अमेजन, गूगल, रूब्रिक, मेटा, ग्रविटन, उबर, जोमैटो, आईसीआईसीआई बैंक, मीशो, हार्नेस, पेपाल, सिस्को और माइक्रोसॉफ्ट सहित कई प्रमुख प्रौद्योगिकी एवं कॉर्पोरेट कंपनियों से नौकरी के प्रस्ताव मिले हैं। प्रोफेसर शेरी ने कार्यभार सौंपने से पहले कहा कि आईआईआईटी-लखनऊ का नेतृत्व करना उनके लिए ‘‘बहुत सम्मान, गर्व और संतुष्टि’’ की बात रही है।
उन्होंने संस्थान के शैक्षणिक, शोध और नवोन्मेष तंत्र को मजबूत बनाने में सहयोग के लिए शासी मंडल, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों का आभार व्यक्त किया।
शेरी ने विश्वास जताया कि प्रोफेसर अग्रवाल के नेतृत्व में आईआईआईटी-लखनऊ शिक्षा, शोध, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। भाषा सं. सलीम जितेंद्र
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