बाढ़ और सूखे के दौरान हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करें अधिकारी : मुख्यमंत्री योगी

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बाढ़ और सूखे के दौरान हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करें अधिकारी : मुख्यमंत्री योगी

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 12:35 AM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 12:35 AM IST

लखनऊ, 20 जुलाई (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अधिकारियों को बाढ़ और सूखे जैसी स्थितियों से निपटने की पुख्ता तैयारी करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा, फसलों और लोगों की आजीविका की रक्षा राज्य की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अनियमित बारिश के असर को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कुछ इलाकों में कम बारिश और दूसरे इलाकों में बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए जिले के हिसाब से रणनीतियां अपनाई जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कम बारिश वाले जिलों में नहरों, जलाशयों, सरकारी ट्यूबवेल और सिंचाई के दूसरे साधनों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें।

मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया कि बाढ़ के खतरे वाले जिलों में सभी राहत शिविर तीन दिनों के अंदर पूरी तरह चालू कर दिए जाएं और उनमें पौष्टिक भोजन, सुरक्षित पीने का पानी, चिकित्सा सुविधाएं और साफ-सफाई का इंतजाम किया जाए।

योगी आदित्यनाथ ने ज़िलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राहत कार्यों की खुद निगरानी करें, जरूरत पड़ने पर बड़ी नौकाएं तैनात करें, प्रशिक्षित ‘आपदा मित्रों’ की मदद लें और तटबंधों में टूट-फूट या तोड़फोड़ रोकने के लिए चौबीसों घंटे गश्त सुनिश्चित करें।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वक्त बलिया, गौतम बुद्ध नगर, लखीमपुर खीरी और मुजफ्फरनगर जिलों के 42 गांवों के 332 लोग बाढ से प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने बताया कि 1,412 बाढ़ चौकियां, 549 चिकित्सा टीम, 55 नावें और मोटरबोट, और 1,096 बाढ़ राहत केंद्र काम कर रहे हैं।

भाषा सलीम धीरज

धीरज