IMD Issues Heavy Rain Alert. Image Source- IBC24
लखनऊ। IMD Issues Heavy Rain Alert उत्तर भारत के कई राज्यों में बीते कई दिनों से कड़ाके की ठंड जारी है। लोग दोपहर को भी गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। इस बीच अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 22 जनवरी से राज्य में बारिश की शुरुआत हो सकती है। यह बारिश पहले पश्चिमी इलाकों में होगी और बाद में धीरे-धीरे पूर्वी हिस्सों तक फैलने की संभावना है। इसके पहले ही बनारस में सुबह से बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी दर्ज की गई।
IMD Issues Heavy Rain Alert मौसम विभाग के मुताबिक अब मौसम धीरे-धीरे अपना मिजाज बदल रहा है। धूप निकलने की स्थिति को देखते हुए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी के अंत तक मौसम सामान्य हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 22 और 23 जनवरी को कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सर्दी अचानक खत्म हो जाएगी। अभी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते रात के तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही थी। हालांकि अब यह गिरावट थमने लगी है। इसके बावजूद प्रदेश के मध्यवर्ती हिस्सों में स्थित हरदोई, अमेठी, अयोध्या और बाराबंकी जैसे जिलों में बीती रात आंशिक शीतलहर (Partial Cold Wave) की स्थिति बनी रही। इन इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया, जिससे सुबह और देर रात के समय ठिठुरन बनी रही। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं के कमजोर पड़ने और हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण अब तापमान में गिरावट का सिलसिला रुक गया है। यही वजह है कि कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मौसम में आ रहे इस बदलाव को किसानों और आम लोगों दोनों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। ठंड और कोहरे के कारण जहां आमजन को दैनिक कार्यों में कठिनाई हो रही थी, वहीं किसानों को भी फसलों की सिंचाई और देखभाल में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। तापमान में बढ़ोत्तरी और कोहरे में कमी से हालात बेहतर होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय हल्की ठंड को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरतें। साथ ही 22 जनवरी के बाद संभावित वर्षा को देखते हुए किसान अपनी फसलों की सुरक्षा और आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर लें।