India First Urban Ropeway: अब लंबी जाम और ट्राफिक से मिलेगी निजात, इस शहर में बना भारत का पहला अर्बन रोपवे, ट्रायल रन का VIDEO आया सामने

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India First Urban Ropeway: अब लंबी जाम और ट्राफिक से मिलेगी निजात, इस शहर में बना भारत का पहला अर्बन रोपवे, ट्रायल रन का VIDEO आया सामने

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  • Publish Date - September 25, 2026 / 12:38 PM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 12:38 PM IST

India First Urban Ropeway | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • भारत का पहला अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे
  • 4 किमी का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में
  • ईंधन खर्च और प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद

लखनऊ: India First Urban Ropeway उत्तर प्रदेश के भगवान शिव की नगरी काशी यानी कि वाराणसी के लोगों और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। बनारस में अब होने वाले ट्राफिक से लोगों को निजात मिलने वाली है। (Urban Ropeway Video) दरअसल, वाराणसी में दुनिया का तीसरा और भारत का पहला अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे बनाया जा रहा है। जिसका काम तेजी से युद्ध स्तर पर जारी है।

रोपवे का ट्रायल रन का वीडियो वायरल

India First Urban Ropeway प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल रोप-वे का ट्रायल रन और लोड टेस्टिंग तेजी से चल रही है। मतलब यह कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। जल्द ही काशी के लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी और हवा में सफर का अनुभव भी मिलेगा। काशी विद्यापीठ स्टेशन पर तो ट्रायल रन भी शुरू हो चुका है। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें रोपवे का ट्रायल रन होता देखा जा सकता है।

4 किलोमीटर का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में

वर्तमान में वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौक तक का 4 किलोमीटर का रास्ता तय करने में लोगों को भारी ट्रैफिक के कारण करीब 1 घंटे का समय लग जाता है। रोप-वे शुरू होने के बाद यह दूरी महज 15 मिनट में पूरी हो जाएगी। कैंट से रथयात्रा पहुंचने में सिर्फ 6.5 मिनट लगेंगे। इस प्रोजेक्ट से न केवल लोगों के समय और ईंधन की भारी बचत होगी, बल्कि शहर में वायु और ध्वनि प्रदूषण में भी कमी आएगी।

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वाराणसी रोपवे परियोजना क्या है?

यह भारत का पहला अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य शहर में ट्रैफिक जाम को कम करना और तेज सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

रोपवे से कौन सा मार्ग जुड़ेगा?

रोपवे वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया क्षेत्र को जोड़ने का काम करेगा।

रोपवे शुरू होने के बाद कितना समय बचेगा?

कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक का सफर, जिसमें अभी लगभग एक घंटा लगता है, रोपवे से सिर्फ 15 मिनट में पूरा हो सकेगा।