जौहर विश्वविद्यालय मामले में स्वीकृत मानचित्र और दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां देने का आदेश

जौहर विश्वविद्यालय मामले में स्वीकृत मानचित्र और दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां देने का आदेश

जौहर विश्वविद्यालय मामले में स्वीकृत मानचित्र और दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां देने का आदेश
Modified Date: September 25, 2026 / 10:42 pm IST
Published Date: September 25, 2026 10:42 pm IST

अमरोहा/मुरादाबाद, 25 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत ने रामपुर जिले में स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में रामपुर के जिलाधिकारी को विश्वविद्यालय से संबंधित स्वीकृत मानचित्र और अन्य दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां जारी करने का आदेश दिया है।

मंडलायुक्त संगीता सिंह ने शुक्रवार को यह आदेश दिया। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए 22 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।

जौहर ट्रस्ट के अधिवक्ता जुनैद एजाज ने बताया कि मंडलायुक्त ने रामपुर के जिलाधिकारी को विश्वविद्यालय से संबंधित स्वीकृत मानचित्र और अन्य दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट के अधिवक्ता के बार-बार अनुरोध के बावजूद ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे।

जुनैद एजाज ने अदालत को बताया कि रामपुर के जिलाधिकारी रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के उपाध्यक्ष भी हैं, लेकिन उनके द्वारा नक्शे और अन्य साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। आरडीए के अधिवक्ता दिनेश चौहान की दलीलें सुनने के बाद मंडलायुक्त संगीता सिंह ने जिलाधिकारी को सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

यह मामला मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की ओर से दायर एक अपील से जुड़ा है। यह अपील आरडीए द्वारा 15 जुलाई को जारी उस नोटिस के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर की 40 में से 38 इमारतों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें गिराने का आदेश दिया गया था।

इसके बाद मामले में कई तारीखें पड़ीं। इसी दौरान तत्कालीन मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह का तबादला हो गया और उनकी जगह संगीता सिंह को मुरादाबाद का मंडलायुक्त बनाया गया।

इसके बाद अदालत ने 10 सितंबर को सुनवाई की तारीख निर्धारित की थी, लेकिन उस दिन भी मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।

रामपुर स्थित इस विश्वविद्यालय का प्रबंधन जौहर ट्रस्ट करता है। ट्रस्ट की प्रमुख उत्तर प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) की वरिष्ठ नेता आजम खान की बहन हैं। इससे पहले आजम खान ट्रस्ट के प्रमुख थे।

भाषा

सं, आनन्द रवि कांत


लेखक के बारे में