मुजफ्फरनगर (उप्र), 31 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रमुख जयंत चौधरी ने शामली में मारे गए हरियाणवी गायक-यूट्यूबर अंकित बालियान के परिवार से सोमवार को मुलाकात की और कहा कि ‘‘जघन्य’’ और ‘‘सुनियोजित’’ हत्या को पुलिस एवं प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
चौधरी ने बंती खेड़ा गांव में शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। रालोद प्रमुख ने कहा कि उन्होंने रविवार को लखनऊ में एक बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष यह मामला उठाया था।
चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अंकित कलाकार थे। जिस तरह से इस जघन्य अपराध की साजिश रची गई और उसे अंजाम दिया गया, उसे गंभीरता से लिया गया है। पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई की है और कार्रवाई जारी है।’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मैं परिवार से मिलने आया हूं। मैंने उनके (अंकित के) पिता, जो सेना में सेवा दे चुके हैं, से कहा कि उन्हें मजबूत और धैर्यवान रहना चाहिए।’’
अंकित बालियान 26 अगस्त की शाम शामली के कोतवाली क्षेत्र में एक जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी दो मोटरसाइकिल पर सवार चार हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। बलियान को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि हत्या के मामले में वांछित और 50-50 हजार रुपये के इनामी दो संदिग्ध शार्पशूटर मोहित और सुमित सोमवार को शामली में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए।
चौधरी ने कहा कि कानून-व्यवस्था तभी प्रभावी ढंग से बनाए रखी जा सकती है जब नागरिक व्यवस्था पर भरोसा करें और पुलिस जांच और कामकाज में न्यूनतम ‘अनैतिक राजनीतिक हस्तक्षेप’ हो।
उन्होंने कहा, ‘कानून की अपनी प्रक्रिया होती है। व्यवस्था में विश्वास होना चाहिए और पुलिस के पास अपना अधिकार होना चाहिए। जब ये तीन चीजें होती हैं, तो ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई की जाती है।’
इस सवाल पर कि क्या उनकी टिप्पणी समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की आलोचना का जवाब है, चौधरी ने कहा कि ऐसी घटना के बाद हर व्यक्ति को पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए।
इससे पहले यादव ने हत्या को लेकर चौधरी का नाम लिए बिना उनकी आलोचना की थी और सवाल उठाया था कि क्या वह शोक संतप्त परिवार से मिलने गए। अपनी एक टिप्पणी में, यादव ने इस घटना को ‘जाट समुदाय पर हमला’ बताया और कहा कि जाट समुदाय इससे नाराज है।
इस मुद्दे पर जुबानी जंग भी शुरू हो गई क्योंकि चौधरी का रालोद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत गठबंधन में शामिल होने से पहले 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा का सहयोगी था।
शामली लोकसभा क्षेत्र से सपा की इकरा हसन सांसद हैं। उन्होंने हाल में बालियान परिवार से मुलाकात की और परिवार की यादव से फोन पर बातचीत कराई। यादव ने परिवार को अपने और अपनी पार्टी की ओर से हरसंभव समर्थन का आश्वासन दिया था।
सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपियों के मारे जाने की परिस्थितियों के संबंध में सपा सांसद अवधेश प्रसाद के सवालों के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि वह ‘मुठभेड़’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे और पुलिस परिस्थितियों की व्याख्या कर सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘परिस्थितियां जो भी हों, पुलिस उसका जवाब दे सकती है। जवाबी कार्रवाई कैसे हुई, यह पुलिस को बताना है। ऐसी कार्रवाई कोई पूर्व नियोजित या राजनीतिक नीति नहीं है।’’
चौधरी ने सभी पक्षों से संवेदनशीलता से बात करने का आग्रह किया क्योंकि परिवार ने अपना बेटा खोया है। चौधरी ने कहा, ‘‘यह विश्वास होना चाहिए कि सरकार कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं कर रही है। अपराध को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है, लेकिन ऐसी गंभीर घटनाओं की जांच में स्वाभाविक रूप से कुछ समय लगता है।’’
रालोद प्रमुख ने कहा कि हत्या से क्षेत्र के लोगों में डर पैदा हो गया है, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
चौधरी ने कहा कि रविवार को लखनऊ में आदित्यनाथ के साथ उनकी चर्चा में बालियान परिवार भी शामिल था।
भाषा सं जफर आशीष
आशीष