आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का संदेश दे रही कांवड़ यात्रा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का संदेश दे रही कांवड़ यात्रा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का संदेश दे रही कांवड़ यात्रा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
Modified Date: August 7, 2026 / 12:12 am IST
Published Date: August 7, 2026 12:12 am IST

लखनऊ, छह अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का महापर्व है, इसके शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भ्रामक और मिथ्या समाचार फैलाकर माहौल बिगाड़ने के हर प्रयास का तत्काल तथ्यात्मक खंडन करने का निर्देश देते हुए कहा कि पवित्र धार्मिक आयोजनों में उपद्रव, अराजकता और गुंडागर्दी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, बाढ़ की स्थिति, आगामी पर्व एवं त्योहारों की तैयारियों, खाद की उपलब्धता तथा स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे।

आदित्यनाथ ने कहा कि आज जब समाज में जातीय विद्वेष फैलाने की साजिशें की जा रही हैं, ऐसे समय में लाखों श्रद्धालुओं की सहभागिता वाली कांवड़ यात्रा सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।

समीक्षा के दौरान एडीजी, मेरठ ने बताया कि सीमावर्ती राज्यों का पूरा सहयोग मिल रहा है। पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 70 हजार कांवड़ यात्री जनपद से गुजर चुके हैं। अगले एक दो दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यह स्वागतयोग्य है कि मुस्लिम समुदाय ने उर्स के अवसर पर शाकाहारी भोजन वितरण की व्यवस्था की है और शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए उर्स के आयोजन को सीमित दायरे में रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक सद्भाव, पारस्परिक सम्मान और संवेदनशीलता का सराहनीय उदाहरण है।

बलिया, बाराबंकी और उन्नाव सहित बाढ़ प्रभावित आठ जनपदों के जिलाधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य पूरी तत्परता से जारी रहें और कहीं भी सहायता में कोई कमी न रहे।

भाषा राजेंद्र शफीक

शफीक


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