स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण की 133वीं वर्षगांठ पर नेताओं ने किया याद

स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण की 133वीं वर्षगांठ पर नेताओं ने किया याद

स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण की 133वीं वर्षगांठ पर नेताओं ने किया याद
Modified Date: September 11, 2026 / 06:45 pm IST
Published Date: September 11, 2026 6:45 pm IST

लखनऊ, 11 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई प्रमुख नेताओं ने शुक्रवार को शिकागो में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण की 133वीं वर्षगांठ पर उन्हें याद करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

योगी ने ‘एक्स’ पर कहा कि शिकागो धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद का ओजस्वी उद्बोधन भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक दृष्टि और मानवीय मूल्यों की विराट अभिव्यक्ति था, जिसने विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ दुनिया को शांति, सद्भाव एवं मानव-एकता का मार्ग दिखाया।

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 11 सितंबर 1893 को विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने भारत की सहिष्णुता, सार्वभौमिक स्वीकृति और विश्व बंधुत्व की परंपरा का संदेश पूरी दुनिया को दिया।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी उनके शिकागो उद्बोधन की 133वीं वर्षगांठ पर देश और प्रदेशवासियों को बधाई दी।

स्वामी विवेकानंद को पश्चिमी दुनिया में वेदांत और योग के प्रसार तथा हिंदू धर्म को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने 11 सितंबर 1893 को प्रथम विश्व धर्म संसद में ऐतिहासिक भाषण दिया था। यह आयोजन उस स्थान पर हुआ था, जहां आज ‘आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो’ स्थित है।

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था और उनका निधन चार जुलाई 1902 को हुआ।

भाषा आनन्द रंजन

रंजन


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