ब्रिटिश शासनकाल की तरह आज भी अधिकारों के लिए सरकारों से लड़ना पड़ रहा है : अखिलेश यादव

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ब्रिटिश शासनकाल की तरह आज भी अधिकारों के लिए सरकारों से लड़ना पड़ रहा है : अखिलेश यादव

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  • Publish Date - August 16, 2026 / 08:29 PM IST,
    Updated On - August 16, 2026 / 08:29 PM IST

लखनऊ, 16 अगस्त (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की तुलना आजादी से पहले के दौर से करते हुए रविवार को कहा कि जिस तरह स्वतंत्रता से पहले लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे, उसी तरह आज भी लोगों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है।

अवंतीबाई लोधी की जयंती पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यादव ने कहा, ‘‘आजादी की लड़ाई के दौरान हमारे देश के पास अपने कानून नहीं थे और लोगों के पास अधिकार तथा सम्मान नहीं था। वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने इसी आजादी के लिए संघर्ष किया था। उस समय अंग्रेज अधिकार नहीं दे रहे थे और आज भी हम सभी को अपने अधिकारों के लिए सरकारों के खिलाफ लड़ना पड़ रहा है।’’

यादव ने हजरतगंज में अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

सपा मुख्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार यादव ने कहा, ‘‘आजादी के आंदोलन में रानी लक्ष्मीबाई की जो भूमिका थी, वही भूमिका वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने भी निभाई।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महंगाई बढ़ा दी है और 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल के जरिए पेट्रोल में ‘‘मिलावट’’ की है।

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो लोग नक्सलवाद और आतंकवाद पर काबू पाने में नाकाम रहे और विदेश नीति के मोर्चे पर भी विफल रहे, वे तरह-तरह की बातें करते हैं। आज देश में परिसीमन के बजाय सीमा सुरक्षा पर चर्चा होनी चाहिए।’’

यादव ने सवाल किया कि क्या भाजपा सरकार यह बता सकती है कि 2014 में देश का भू-भाग कितना था और आज कितना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी देश की सीमाओं से जुड़े सवाल उठते हैं, भाजपा मुद्दे से ध्यान भटकाने लगती है।

यादव ने कहा कि 15 अगस्त को देश ने स्वतंत्रता दिवस मनाया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस तथा असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के संघर्ष और योगदान को याद किया, जिनके बलिदान से देश को आजादी मिली।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. राम मनोहर लोहिया और नेताजी मुलायम सिंह यादव जैसे नेताओं ने संविधान और समाजवादी विचारधारा का मार्ग दिखाया और पार्टी आज भी उसी रास्ते पर चल रही है।

भाषा

आनन्द रवि कांत