लखनऊ में ई-रिक्शों की बेतहाशा बढ़ती संख्या पर उच्च न्यायालय सख्त

लखनऊ में ई-रिक्शों की बेतहाशा बढ़ती संख्या पर उच्च न्यायालय सख्त

लखनऊ में ई-रिक्शों की बेतहाशा बढ़ती संख्या पर उच्च न्यायालय सख्त
Modified Date: September 11, 2026 / 10:42 pm IST
Published Date: September 11, 2026 10:42 pm IST

लखनऊ, 11 सितंबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ई-रिक्शाओं की संख्या में अनियंत्रित वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि इनकी संख्या शहर की सड़कों की वहन क्षमता से अधिक हो गई है।

न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को लखनऊ में यातायात प्रबंधन से संबंधित एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी।

खंडपीठ को बताया गया कि ई-रिक्शा को फिलहाल केंद्र सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना के तहत पंजीकरण और परमिट की आवश्यकताओं से छूट प्राप्त है, जो उनकी अनियंत्रित वृद्धि के प्रमुख कारणों में एक है।

राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया कि उसने पहले ही सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को पत्र लिखकर ई-रिक्शाओं के प्रभावी विनियमन के लिए आवश्यक शक्तियां राज्य को सौंपने का अनुरोध किया है।

खंडपीठ ने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार को, मंत्रालय के सचिव के ज़रिए, जनहित याचिका में एक पक्ष बनाया जाए।

उच्च न्यायालय को यह भी बताया गया कि परिवहन आयुक्त ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियम, 1998 के नियम 178 के तहत अधिसूचना जारी करने का अनुरोध किया है।

यह नियम सक्षम अधिकारी को खास सड़कों या रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही को सीमित करने का अधिकार देता है।

यह मामला अभी पुलिस आयुक्त के विचाराधीन है और उम्मीद है कि वह जल्द ही अधिसूचना जारी करेंगे।

खंडपीठ ने कहा कि एक बार पाबंदियां लागू होने के बाद, उन्हें सख्ती से लागू करना होगा ।

उच्च न्यायालय ने रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों और बड़े चौराहों के पास ई-रिक्शा की पार्किंग और उससे होने वाली ट्रैफिक रुकावट का भी संज्ञान लिया।

लखनऊ नगर निगम ने अदालत को भरोसा दिलाया कि यातायात और पुलिस विभागों के साथ सलाह-मशविरा करके पार्किंग और यात्रियों के चढ़ने-उतरने के लिए जगहें चिह्नित की जाएंगी।

इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी, जब लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर और अतिरिक्त नगर आयुक्त अदालत में पेश होंगे।

भाषा सं जफर

राजकुमार

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