उप्र: भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने पर थाने में रो पड़े मंत्री
उप्र: भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने पर थाने में रो पड़े मंत्री
सीतापुर, 11 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ बुधवार को अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई झड़प के बाद हिरासत में लिए गए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के विरोध में थाने पहुंचे और भावुक होकर रो पड़े।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।
यह विवाद बुधवार को राम्पा महल इलाके में सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान हुआ।
पुलिस ने बताया कि अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और नगर निकाय अधिकारियों के बीच कहासुनी हो गई।
पुलिस के मुताबिक, अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप में कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।
राठौर बृहस्पतिवार शाम अपने समर्थकों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे और मामले में की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए।
मंत्री पत्रकारों से बातचीत के दौरान भावुक हो गए।
राठौर ने कहा, “मेरे जीवन में यह पहली बार है कि मुझे किसी मामले के संबंध में थाने आना पड़ा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय बदमाश और आदतन अपराधी मुजीब अहमद को हिरासत में लेने के तुरंत बाद छोड़ दिया गया और बाद में अधिकारियों के साथ उसकी तस्वीरें भी सामने आईं।
मंत्री ने आरोप लगाया कि वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में रखा गया और बैठने के लिए कुर्सियां तक नहीं दी गईं।
राठौर ने कहा कि उन्होंने दोपहर से देर रात तक नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारियों और पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर कार्यकर्ताओं को छोड़ने की मांग की लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिला। मंत्री ने कहा कि झड़प में शामिल दो लोग उनके करीबी मित्र जितेंद्र मिश्रा और सहयोगी सौरभ मिश्रा थे, जिन्हें वह बचपन से जानते हैं।
उन्होंने कहा, “अगर बातचीत के दौरान किसी अपशब्द का इस्तेमाल किया गया, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसके लिए माफी मांगता हूं।”
मंत्री ने कहा कि युवा कभी-कभी अपना आपा खो सकते हैं और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं यहां अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए आया हूं। अगर कार्यकर्ता ही नहीं होंगे तो भाजपा कहां होगी?”
हालांकि, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तर) आलोक कुमार सिंह ने इस घटना को अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुई सामान्य घटना बताया।
सिंह ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिसकर्मियों ने संबंधित युवकों से बातचीत की थी और उन्हें शुरुआत में यह जानकारी नहीं थी कि वे भाजपा कार्यकर्ता हैं।
उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान स्थिति बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर उसे नियंत्रित किया।
भाषा सं जफर रंजन जितेंद्र
जितेंद्र

Facebook


