उप्र : सड़क हादसे में मौत के करीब छह साल बाद माता-पिता को मिला 10 लाख रुपये का बीमा भुगतान
उप्र : सड़क हादसे में मौत के करीब छह साल बाद माता-पिता को मिला 10 लाख रुपये का बीमा भुगतान
सोनभद्र, 11 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के करीब छह साल बाद उसके माता-पिता को स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप से 10 लाख रुपये की बीमा राशि मिल सकी। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी के अनुसार, माता-पिता ने अपने बेटे की 10 लाख रुपये की व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसी के तहत भुगतान की मांग को लेकर 24 अप्रैल, 2025 को लोक अदालत में मामला दायर किया था।
स्थायी लोक अदालत के सदस्य नीरज सिंह ने बताया कि बभनी थाना क्षेत्र के झिल्ली महुआ गांव निवासी रामनरेश की 10 सितंबर, 2020 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उनके माता-पिता सुरसतिया और रामलखन को स्थायी लोक अदालत का दरवाजा खटखटाने के करीब छह साल बाद मुआवजे की राशि मिल सकी।
सिंह ने बताया कि यह पॉलिसी एक सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा सेवा प्रदाता कंपनी से ली गई थी और यह 12 जून, 2020 से 11 जून, 2021 तक वैध थी।
माता-पिता ने लोक अदालत को बताया कि उन्होंने दावा निपटाने के लिए बीमा कंपनी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज जमा कर दिए थे और शुरुआत में उन्हें राशि के भुगतान का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन बाद में कंपनी ने भुगतान करने से इनकार कर दिया।
सिंह ने बताया कि अदालत के हस्तक्षेप के बाद बीमा सेवा प्रदाता ने सुरसतिया और रामलखन को पांच-पांच लाख रुपये के चेक जारी किए, जिससे कुल भुगतान 10 लाख रुपये हो गया।
इस तरह रामनरेश की मौत के करीब छह साल बाद और स्थायी लोक अदालत में दावा निपटारे के लिए आवेदन करने के लगभग 17 महीने बाद परिवार को बीमा राशि मिल सकी।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों की सुनवाई बिना किसी न्याय शुल्क के की जाती है और उनका निपटारा सुलह तथा आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है।
सोनभद्र जिला प्रशासन ने बताया कि ऐसे मामलों में बीमा भुगतान को जल्द कराने के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया में तेजी लाने और ग्रामीण क्षेत्रों समेत लोगों को लोक अदालत जैसे मंचों का उपयोग करने के लिए जागरूक करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने दुर्घटना से जुड़े दस्तावेजों को निर्धारित समय सीमा में तैयार करने और लोक अदालत के माध्यम से बीमा भुगतान में तेजी लाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए हैं।’’
गौड़ ने कहा, ‘‘इसके अलावा जिला प्रशासन सक्रिय रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच और जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि जरूरतमंद परिवार त्वरित राहत के लिए इन विवाद समाधान मंचों तक आसानी से पहुंच सकें।’’
भाषा
सं, जफर रवि कांत

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