Dhan Ka MSP Rate Kya Hai: धान के समर्थन मूल्य में 200 रुपए बढ़ोतरी का प्रस्ताव, धान खरीदी के बीच BJP सरकार ने लिया बड़ा फैसला
लखनऊ: Dhan Ka MSP Rate Kya Hai प्रदेश में धान खरीदी लगातार जारी है। 1 नवंबर से शुरू हुए इस अभियान में किसान समर्थन मूल्य पर अपना धान बेच रहे हैं। लेकिन इस बीच प्रदेश की बीजेपी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने धान सहित अन्य खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है और केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। अगर प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार मुहर लगाती है तो अन्नदाताओं के लिए ये किसी सौगात से कम नहीं होगा।
Dhan Ka MSP Rate Kya Hai मिली जानकारी के अनुसार कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से जुड़े मामलों को लेकर अहम बैठक बुलाई थी। बैठक में ये प्रस्ताव पेश किया गया है कि खरीफ फसलों की कीमत में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी किया जाना चाहिए। इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया, जिसके बाद ये प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
समिति ने किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए केंद्र सरकार को एक व्यापक प्रस्ताव भेजा है। इस बार सामान्य धान, धान ग्रेड-ए, मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, अरहर, सोयाबीन और तिल जैसी फसलों के एमएसपी में बड़ी बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। अब फैसला केंद्र सरकार पर निर्भर करता है। हालांकि समर्थन मूल्य में होने वाली बढ़ोतरी का लाभ खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से मिलने लगेगा।
बात करें धान की कीमतों की तो वर्तमान में सामान्य धान का मूल्य ₹2369 और ग्रेड-ए धान का ₹2389 प्रति क्विंटल। वहीं, अगर इस प्रस्ताव पर केंद्र की मोदी सरकार मुहर लगाती है तो प्रति क्विंटल 100 से 200 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार के इस फैसले से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही इस बार के खरीफ सीजन में सामान्य धान के लिए 2369, ग्रेड ए धान के लिए 2389, बाजरा के लिए 2775, मक्का के लिए 2400 और ज्वार हाईब्रिड के लिए 3699 व ज्वार मालदांडी के लिए 3749 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी निर्धारित था।
उत्तर प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भारी मात्रा में धान का उत्पादन किया जाता है। लेकिन किसानों को धान की सबसे ज्यादा कीमत छत्तीसगढ़ में भुगतान किया जाता है। यहां केंद्र सरकार के समर्थन मूल्य के साथ-साथ ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत किसानों को 3100 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य तय किया है। इसका सीधा मतलब है कि छत्तीसगढ़ के किसानों को प्रति एकड़ धान का 65000 रुपए से अधिक मिलता है।