PM Kisan Yojana/ image source: IBC24
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi) योजना के तहत देश के छोटे और सीमांत किसानों को हर तीन महीने में 2,000 रुपये की वित्तीय मदद मिलती है। इसका मतलब है कि पूरे साल किसानों के खाते में कुल 6,000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं। यह योजना फरवरी 2019 में आधिकारिक रूप से शुरू हुई थी, हालांकि इसके लाभ 1 दिसंबर 2018 से लागू किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया था।
लेकिन योजना शुरू होने के बाद से इस राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। वहीं, महंगाई दर और खेती की लागत लगातार बढ़ती रही है। ऐसे में देश के किसानों की मांग है कि सरकार सालाना 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता बढ़ाकर 9,000 या 10,000 रुपये कर दे। किसानों का कहना है कि खेती में बढ़ती लागत और महंगाई के कारण अब पुरानी राशि पर्याप्त नहीं है।
1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट से पहले इस मुद्दे को लेकर किसानों में काफी उम्मीदें हैं। यदि सरकार इस बजट में पीएम-किसान योजना की किस्त बढ़ाती है, तो हर तीन महीने की 2,000 रुपये की किस्त बढ़ाकर 3,000 रुपये की जा सकती है। इससे सालाना कुल राशि 9,000 रुपये हो जाएगी और किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी।
माना जा रहा है कि, इस बार बजट में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं। इनमें न केवल पीएम-किसान योजना की राशि में बढ़ोतरी, बल्कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने और किसानों के लिए कर्ज सीमा बढ़ाने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। सरकार की यह पहल छोटे और सीमांत किसानों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी।
पीएम-किसान योजना की 21वीं किस्त दिसंबर में जारी की गई थी। अब इस साल की पहली और 22वीं किस्त फरवरी के आखिरी सप्ताह में आने की संभावना है। यदि इस बार योजना की राशि बढ़ाई जाती है, तो किसानों को हर तीन महीने में मिलने वाली 2,000 रुपये की बजाय 3,000 रुपये मिलेंगे। यह बढ़ोतरी खेती की बढ़ती लागत को कुछ हद तक पूरा करने में सहायक होगी और किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी करेगी। वहीं, बजट से पहले किसानों की नजरें इस बदलाव पर टिकी हैं और वे उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को इस बार पूरा करेगी।