CM Yogi Aditiyanath News : योगी सरकार का नकली दवा माफियाओं पर सबसे बड़ा वार! करोड़ों के फर्जी बिलिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़, 6 FIR दर्ज

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उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त अभियान के तहत एफएसडीए ने नकली दवाओं के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और फेक बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए नकली दवाएं बाजार में खपाने वाले गिरोह के खिलाफ 6 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

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  • Publish Date - July 30, 2026 / 11:36 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 12:06 AM IST

CM Yogi Aditiyanath News / IMAGE SOURCE : FILE

HIGHLIGHTS
  • योगी सरकार का नकली दवा कारोबारियों पर बड़ा प्रहार।
  • फर्जी बैंक ट्रांजैक्शन और नकली बिलिंग नेटवर्क का खुलासा।
  • राजस्थान और उत्तराखंड तक फैले नेटवर्क की जांच तेज।

लखनऊ :  CM Yogi Aditiyanath News :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नकली और अधोमानक दवाओं के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग ने फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और फेक बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए नकली दवाओं को बाजार में खपाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना अमीनाबाद, लखनऊ में 6 एफआईआर दर्ज कराई हैं। इस कार्रवाई से सरकार की मंशा स्पष्ट है कि प्रदेश में नकली दवाओं का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यही वजह है कि जुलाई माह में लगातार कार्रवाई करते हुए एफएसडीए ने नकली दवाओं की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एक के बाद एक बड़े अभियान चलाए हैं। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दवाओं की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की आर्थिक और लॉजिस्टिक कड़ियों को तोड़ने पर केंद्रित है।

फर्जी बिलों के जरिए चल रहा था करोड़ों का खेल

एफएसडीए कमिश्नर डॉ रोशन जैकब ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एफएसडीए की जांच में सामने आया कि मिश्रा एसोसिएट्स (अमीनाबाद), मिश्रा मेडिकल एजेंसी (बछरावां, रायबरेली), श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स (अमीनाबाद), भारत फार्मा तथा एम.डी.एच. फार्मा के संचालक आपस में बिना वास्तविक दवा आपूर्ति के केवल कागजों पर क्रॉस-बिलिंग कर रहे थे। बैंक ट्रांजैक्शन के बिना ही फर्जी लेनदेन दर्शाकर नकली और काउंटरफिट दवाओं को वैध दिखाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी आधार पर मनीष मिश्रा, आमोद कुमार मिश्रा, सन्नी कश्यप, देवेन्द्र शुक्ला और राहुल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत थाना अमीनाबाद में एफआईआर दर्ज की गई है।

भौतिक सत्यापन में खुली पोल

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि भारत फार्मा और एम.डी.एच. फार्मा के नाम पर जिन फर्मों से करोड़ों रुपये की दवा खरीद-बिक्री दिखाई गई थी, वहां वास्तविक रूप से किसी भी प्रकार का दवा भंडारण नहीं मिला। संबंधित प्रोपराइटरों अमरीन अहसन और मंतशा ने लिखित बयान देकर बताया कि उनकी फर्मों का संचालन उनकी जानकारी के बिना देवेन्द्र शुक्ला द्वारा किया जा रहा था। एफएसडीए अधिकारियों ने जब मौके पर भौतिक सत्यापन किया तो वहां कोई दवा स्टॉक नहीं मिला, जिससे फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाओं के कारोबार की पुष्टि हुई। इन फर्मों के निरीक्षण में यह भी संज्ञानित हुआ कि इन फर्मों के पास इन औषधियों के क्रय बिल भी प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि इनके द्वारा नकली औषधियों का फर्जी बिल बनाकर सप्लाई की जा रही थी।

ब्रांडेड दवा की कीमत में बड़े अंतर से खुला राज

जांच में यह भी सामने आया कि मिश्रा मेडिकल एजेंसी और मिश्रा एसोसिएट्स ने प्रसिद्ध एंटीबायोटिक दवा Augmentin Duo 625 की खरीद वास्तविक लैंडिंग कॉस्ट करीब 116.70 रुपये के मुकाबले मात्र 56.60 रुपये में दिखाई। जब संबंधित वितरक मेडी किंग फार्मा से जानकारी ली गई तो उसने ऐसी किसी भी बिक्री से लिखित रूप से इनकार कर दिया। इससे जांच एजेंसियों को यह संदेह और मजबूत हुआ कि बाजार में नकली दवाओं की सप्लाई की जा रही थी।

स्थानीय पुलिस की रही महत्वपूर्ण भूमिका

एफएसडीए के साथ इस अभियान में स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। Cm Yogi Adityanath Latest News आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि लखनऊ कमिश्नर और उनकी पूरी टीम ने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसकी मदद से फर्जी दवा के इन कारोबारियों पर शिकंजा कसने में काफी मदद मिली। डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एफएसडीए को लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को संदिग्ध थोक दवा कारोबारियों, एजेंटों और सप्लाई चेन पर सतत निगरानी रखने, दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने तथा कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

जुलाई में लगातार छठवीं एफआईआर, सिंडिकेट पर कसा शिकंजा

योगी सरकार के निर्देश पर एफएसडीए ने जुलाई माह में नकली दवाओं के नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। 6 जुलाई को आलमबाग में नकली दवाओं की खेप पकड़कर पहली एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद 19 जुलाई को अमीनाबाद स्थित अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये मूल्य की नकली दवाएं बरामद हुईं। 16-17 जुलाई को बिना लाइसेंस दवा भंडारण और परिवहन के मामले में कार्रवाई हुई। 24 और 25 जुलाई को फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाओं का कारोबार करने वाले गिरोहों पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। अब 29 जुलाई को दर्ज छठवीं एफआईआर के साथ विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

नौ संदिग्ध फर्मों पर रोक, दुकानें सील

एफएसडीए ने जांच पूरी होने तक अमीनाबाद की कई संदिग्ध दवा फर्मों के संचालन पर रोक लगा दी है। एसकेजी मेडिकल्स, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल, हेल्थ प्लस, एमके फार्मा, मां अम्बे फार्मा, आरएन फार्मा, सनलाइट फार्मा, सोनल फार्मा और सुपरविजन फार्मा के वित्तीय रिकॉर्ड और लेजर की जांच के लिए उनके संचालन पर रोक लगाने तथा कई प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई की गई है।

राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क

एफएसडीए की जांच अब उत्तर प्रदेश से बाहर भी पहुंच चुकी है। विभाग के अनुसार अमीनाबाद से बरामद नकली दवाओं का मुख्य स्रोत राजस्थान से जुड़े कुछ आरोपी हैं, जिनके खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं उत्तराखंड के देहरादून में नकली दवा निर्माण करने वाली अवैध फैक्ट्री पर छापेमारी कर चार आरोपियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। स्पष्ट है कि योगी सरकार केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि अंतरराज्यीय नकली दवा नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।

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कार्रवाई किस विभाग ने की है?

उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने यह कार्रवाई की है।

आरोपियों पर क्या आरोप हैं?

आरोपियों पर फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग, फेक बैंक ट्रांजैक्शन और नकली दवाओं की सप्लाई का आरोप है।

क्या नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैला था?

हां, जांच में राजस्थान और उत्तराखंड तक जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई है और जांच जारी है।