ओमान तट के पास जहाज पर हमले में मारे गए व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया

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ओमान तट के पास जहाज पर हमले में मारे गए व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया

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  • Publish Date - June 18, 2026 / 07:22 PM IST,
    Updated On - June 18, 2026 / 07:22 PM IST

देवरिया, 18 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली गांव निवासी शिवानंद चौरसिया का बुधवार शाम उनके पैतृक स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया। शिवानंद की ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले में मौत हो गई थी।

शिवानंद एक विदेशी शिपिंग कंपनी की ओर से संचालित वाणिज्यिक जहाज ‘एमटी सेटेबेलो’ पर ‘इंजन फिटर’ के रूप में कार्यरत थे। परिवार के सदस्यों और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 10 जून को ओमान तट के पास ‘एमटी सेटेबेलो’ को निशाना बनाया गया था।

शिवानंद का शव बुधवार सुबह हवाई मार्ग से मस्कट से दिल्ली हवाई अड्डे लाया गया। बाद में शव विमान से गोरखपुर हवाई अड्डे ले जाया गया, जहां से उसे सड़क मार्ग से सुरौली गांव पहुंचाया गया।

शव जैसे ही गांव लाया गया, माहौल गमगीन हो गया। शिवानंद के माता-पिता, पत्नी और भाई समेत परिवार के सदस्यों की आंखों से आंसू थे।

परिवार के सदस्यों ने केंद्र और राज्य सरकार से एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, एक आश्रित के लिए सरकारी नौकरी और शिवानंद को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने लगभग तीन घंटे तक शव को एंबुलेंस से बाहर नहीं निकालने दिया।

गांव में कई पुलिस टीम के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए थे, जिन्होंने परिवार के सदस्यों को समझाने की कोशिश की।

जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी ने परिवार का ज्ञापन प्राप्त किया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अधिकारियों ने बताया कि परिवार बुधवार को रात करीब 9:30 बजे शव को दूसरे पोस्टमार्टम के लिए ले जाने देने पर सहमत हुआ।

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह शिवानंद के शव को सुरौली गांव स्थित उनके आवास पर वापस लाया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए परिवार के सदस्य और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में एकत्र हुए।

अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम के बाद शव को कड़ी सुरक्षा के बीच जुलूस के साथ बरहज के कटैलवा घाट ले जाया गया, जहां परिवार के सदस्यों और स्थानीय निवासियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।

जहाज पर भारतीय चालक दल के 24 सदस्य सवार थे। इनमें से 21 सदस्यों को बचा लिया गया, जबकि शिवानंद समेत तीन लापता हो गए। उनके शव 11 जून को बरामद किए गए।

स्थानीय सांसद शशांक मणि परिवार के संपर्क में थे और शिवानंद के शव को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर रहे थे।

भाषा

सं जफर मनीषा अमित पारुल

पारुल