कुकर्म के बाद बच्चे की हत्या करने के दोषी को फांसी की सजा

कुकर्म के बाद बच्चे की हत्या करने के दोषी को फांसी की सजा

कुकर्म के बाद बच्चे की हत्या करने के दोषी को फांसी की सजा
Modified Date: July 23, 2026 / 07:27 pm IST
Published Date: July 23, 2026 7:27 pm IST

बहराइच (उप्र), 23 जुलाई (भाषा) बहराइच की विशेष ‘पॉक्सो’ अदालत ने कुकर्म के बाद गला रेतकर सात वर्षीय बालक की हत्या करने के मामले में एक आरोपी को बृहस्पतिवार को दोषी ठहराते हुए उसे फांसी की सजा सुनायी।

विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता (पाक्सो एक्ट) संत प्रताप सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अरबिंद कुमार गौतम ने दोषी मुकेश निषाद (21) को फांसी देने के साथ साथ उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

शासकीय अधिवक्ता सिंह ने बताया कि 12 मई, 2026 को कैसरगंज थाना क्षेत्र के दयालपुरवा मझारा तौकली गांव में सात वर्षीय एक बालक लापता हो गया था, जिसका शव अगले दिन घर से करीब 400 मीटर दूर झाड़ियों में पाया गया था।

उन्होंने बताया कि शव बरामद होने के बाद पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो मालूम हुआ कि वारदात का शिकार लड़का अपने अन्य दो भाइयों के साथ एक शादी समारोह से लौट रहा था तभी उसी के गांव का निवासी मुकेश निषाद उसे नृत्य का कार्यक्रम दिखाने के बहाने वहां से ले गया था।

उन्होंने बताया कि मुकेश ने एक सुनसान जगह पर ले जाकर बच्चे के साथ कुकर्म किया और धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।

पूछताछ में मृतक की मां ने पुलिस को बताया था कि अभियुक्त मुकेश निषाद का गांव की एक लड़की से संबंध था और उस लड़की के साथ आपत्तिजनक हालत में उसे देखकर उसने मुकेश को काफी फटकारा था।

मृतक की मां ने बताया कि इस घटना से मुकेश नाराज था और उसने परिवार के बच्चों को जान से मारने की धमकी भी दी थी।

अभियोजक संत प्रताप सिंह ने बताया कि अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि बच्चे के साथ की गई बर्बरता और उसके बाद हत्या जैसे अपराध की प्रकृति समाज को झकझोरने वाली है और यह मामला ‘दुर्लभ में भी दुर्लभतम’ की श्रेणी में आता है, इसलिए मृत्यु दंड ही उपयुक्त सजा है।

सिंह ने बताया कि घटना के बाद सिर्फ 14 कार्य दिवसों की सुनवाई के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया है।

भाषा सं. सलीम संतोष

संतोष


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