बागपत (उप्र) दो जनवरी (भाषा) बागपत जिले की एक विशेष अदालत ने आठ वर्षीय एक बालक संग कुकर्म कर उसकी हत्या करने के करीब सात वर्ष पुराने मामले में एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी और उसपर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह सिंह पंवार ने मंगलवार को बताया कि अपर जिला एवं सत्र (पाक्सो) अदालत के विशेष न्यायाधीश संजीव कुमार ने बागपत जिले के बालैनी थाना क्षेत्र के बिजेंदर गिरी को आठ वर्षीय एक बालक के साथ कुकर्म और फिर उसकी हत्या करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उसपर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने कहा कि जुर्माना नहीं भरने पर अभियुक्त के लिए सजा एक साल बढ़ाई जाएगी।
घटना के संदर्भ में उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर 2016 को जिले बालैनी थाने में एक व्यक्ति ने पुलिस से शिकायत की थी कि उसका आठ वर्षीय पौत्र गांव में ही नौ दिसंबर, 2016 की रात्रि में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखने के लिए गया था और काफी देर बाद वापस नहीं लौटा। शिकायतकर्ता ने पुलिस से कहा था कि रात भर तलाश करने के बाद भी उसका पौत्र नहीं मिला और अगले दिन सुबह उसका शव गांव में एक खाली प्लाट में पड़ा मिला।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो रिपोर्ट में कुकर्म के बाद गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने बालक के दादा की तहरीर के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं 377 (कुकर्म), 302 (हत्या) और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर छानबीन के बाद गांव के ही वीरेंद्र उर्फ बिजेंदर गिरी को गिरफ्तार कर विधिक प्रक्रिया पूरी कर जेल भेजा था। विवेचना पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया और अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी कर आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
भाषा सं आनन्द राजकुमार