Mathura Family Suicide/Image Source: ANI
मथुरा: Mathura Family Suicide: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के खप्परपुर गांव में मंगलवार को एक दंपति और उनके तीन बच्चे अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि उन्हें संदेह है कि यह सामूहिक आत्महत्या का मामला है। पुलिस को परिवार के मुखिया द्वारा बनाया गया एक वीडियो और दीवार पर लिखे संदेश के अलावा एक सुसाइड नोट भी मिला है।
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान किसान मनीष कुमार (35), उनकी पत्नी (32 वर्ष), बेटी हनी (आठ) व प्रियांशी (पांच) तथा बेटे प्रतीक (तीन) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘वे अपने घर के एक कमरे में मृत पाए गए।’’ उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “वे अपने घर के एक कमरे में मृत पाये गये। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि मनीष की मौत करंट लगने से हुई, उसकी पत्नी की मौत फंदे से हुई, जबकि तीनों बच्चों की मौत गला घोंटने से हुई।”
Mathura Family Suicide: पुलिस ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी मनीष कुमार के भाई से मिली। पुलिस के मुताबिक, जब बच्चे सुबह खेलने के लिए बाहर नहीं आए, तो मनीष का भाई कुछ ग्रामीणों के साथ दीवार फांदकर घर के अंदर गया और दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा, जहां उसने अपने परिवार के सदस्यों को मृत पाया। पुलिस के अनुसार, कथित सुसाइड नोट में मनीष ने लिखा था कि वह और उसकी पत्नी स्वेच्छा से अपनी जान देना चाहते हैं और उनकी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। क्षेत्राधिकारी (महावन) श्वेता वर्मा ने सुसाइड नोट का हवाला देते हुए बताया कि मनीष कुछ समस्याओं से परेशान था और उन्हें दूसरों के साथ साझा करने में असमर्थ था।
Mathura Family Suicide: मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि मनीष ने घटना से पहले अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। वीडियो में मनीष ने कहा था कि वह स्वेच्छा से यह कदम उठा रहा है। उसने वीडियो में यह भी बताया कि उसने हाल ही में किसी को 12 लाख रुपये में एक प्लॉट बेचा था और खरीदार से पैसे भी प्राप्त किए थे। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को पीड़ित परिवार को पूरा सहयोग प्रदान करने व मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और मामले की जांच जारी है। आगरा के संभागीय आयुक्त नागेंद्र प्रताप अपराह्न में शवगृह पहुंचे थे।