Stock Market 11 May 2026: आज बाजार खुलने से पहले बढ़ी घबराहट, गिफ्ट निफ्टी के इशारे ने निवेशकों की उड़ा दी नींद!

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Stock Market 11 May 2026: ईरान द्वारा अमेरिकी शांति प्रस्ताव ठुकराने और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से ग्लोबल बाजारों में दबाव दिख रहा है। मिले-जुले अंतरराष्ट्रीय संकेतों के बीच गिफ्ट निफ्टी भी कमजोरी दिखा रहा है। जिससे सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत गिरावट के साथ होने की आशंका बढ़ गई है।

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 09:04 AM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 09:07 AM IST

(Stock Market 11 May 2026/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • गिफ्ट निफ्टी में करीब 0.78% की गिरावट
  • ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के पार
  • एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार

नई दिल्ली: Stock Market 11 May 2026 in India: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के नए शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद वेस्ट एशिया में तनाव और बढ़ गया है। इस घटनाक्रम का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिखाई दे रहा है। बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने की संभावना जताई जा रही है।

एशियाई बाजारों का मिला-जुला रूख (Mixed Trend in Asian Markets)

सोमवार को ज्यादातर एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार करते दिखे। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 0.17% नीचे ट्रेड कर रहा था, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स करीब 0.51% गिरा हुआ था। हालांकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स बाजार की कमजोरी के बीच शानदार तेजी के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया। कोस्पी करीब 5.05% उछलकर 7,876.6 के स्तर तक पहुंच गया। दूसरी ओर अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में हल्की मजबूती देखने को मिली थी। S&P 500 और डॉओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। जबकि नैस्डैक कंपोजिट में 1.71% की तेजी दर्ज की गई।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल (Surge in Crude Oil Prices)

वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड का मई फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट करीब 3.31% बढ़कर 104.64 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। ट्रेडर्स को डर है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहा तो सप्लाई प्रभावित हो सकती है। वहीं, सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में हल्की कमजोरी देखने को मिली। गोल्ड फ्यूचर्स करीब 0.4% नीचे रहे।

अमेरिकी फ्यूचर्स में दबाव (Pressure on US Futures)

ईरान के प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स पर भी दबाव दिखाई दिया। S&P 500 फ्यूचर्स लगभग 0.15% नीचे ट्रेड कर रहे थे। जबकि डॉओ जोन्स फ्यूचर्स में करीब 0.24% की गिरावट देखी गई। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

घरेलू बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत (Weak Start For Indian Market)

भारतीय शेयर बाजार के लिए भी संकेत अच्छे नहीं माने जा रहे हैं। सोमवार सुबह गिफ्ट निफ्टी करीब 0.78% गिरकर 24,050 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से करीब 179 अंक नीचे है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सेंसेक्स और निफ्टी 50 की शुरुआत कमजोरी के साथ हो सकती है।

नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें: 

भारतीय शेयर बाजार कमजोर क्यों खुल सकता है?

ग्लोबल तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर GIFT Nifty संकेतों के कारण बाजार पर दबाव बन सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी क्यों आई?

अमेरिका द्वारा ईरान का शांति प्रस्ताव ठुकराने के बाद सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ी, जिससे तेल महंगा हुआ।

GIFT Nifty क्या संकेत दे रहा है?

GIFT Nifty करीब 0.78% गिरा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

एशियाई बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा?

जापान और हांगकांग के बाजार कमजोरी में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी मजबूत तेजी के साथ नई ऊंचाई पर पहुंचा।