सिद्धार्थ के संन्यास के बाद मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को किया पार्टी से ‘पूरे तौर से मुक्त’

सिद्धार्थ के संन्यास के बाद मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को किया पार्टी से 'पूरे तौर से मुक्त'

सिद्धार्थ के संन्यास के बाद मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को किया पार्टी से ‘पूरे तौर से मुक्त’
Modified Date: September 10, 2026 / 10:35 am IST
Published Date: September 10, 2026 10:35 am IST

लखनऊ, 10 सितंबर (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने बृहस्पतिवार को अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले को ‘देर आयद, दुरुस्त आयद’ वाला कदम बताया और आकाश को पार्टी से पूरे तौर से ‘मुक्त’ करने का भी ऐलान कर दिया।

सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के ‘एक्स’ पर किए गए ऐलान के कुछ देर बाद मायावती ने अपनी पोस्ट में इसे ‘देर आयद, दुरुस्त आयद’ वाला कदम बताते हुए कहा कि सिद्धार्थ अगर यह फैसला काफी पहले ले लेते तो बसपा, बहुजन समाज और बहुजन आंदोलन के साथ-साथ उनके दामाद आकाश आनंद को भी लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।

हालांकि मायावती ने पोस्ट में यह भी कहा कि अगर सिद्धार्थ को अपने दामाद आकाश आनन्द के उज्ज्वल भविष्य के साथ ही बसपा तथा बहुजन आंदोलन की जरा सी भी चिंता होती तो वह बिना देर किए बुधवार को ही राजनीति से संन्यास की घोषणा कर देते लेकिन ऐसा नहीं होना यह साबित करता है कि सिद्धार्थ की नियत में खोट है और उनकी महत्वाकांक्षा कम नहीं हुई है।

बसपा प्रमुख ने सिद्धार्थ से जुड़ी अपनी बुधवार की पोस्ट को आकाश की तरफ से ‘रीपोस्ट’ नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसा नहीं करने से यह लगता है कि सिद्धार्थ और आकाश दोनों को पार्टी और उसके आंदोलन में कम और अपने निजी तथा पारिवारिक संबंध का मोह ज्यादा है।

मायावती ने कहा कि ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आकाश ‘डबल माइंड’ होकर बसपा और बहुजन आंदोलन का भला कैसे कर सकते हैं, लिहाजा पार्टी के लोगों को यही बेहतर लगता है कि आकाश को जिस तरह से पिछली तीन सितंबर को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के पद सहित पार्टी की सभी अहम जिम्मेदारियां से मुक्त कर दिया गया था उसी तरह से अब उन्हें पार्टी में भी आज से पूरी तरह ‘आजाद’ कर दिया जाए।

हालांकि मायावती ने आकाश को निष्कासित करने का ऐलान नहीं किया, लेकिन यह कहा, ‘ अगर आकाश आनन्द पार्टी में अब स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं। अर्थात ऐेसे में अब इनको पार्टी से पूरे तौर से मुक्त कर दिया गया है।’

मायावती ने बुधवार को एक पोस्ट में कहा था कि अगर सिद्धार्थ को अपने दामाद आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य की जरा भी चिंता है तो उन्हें फौरन राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। सिद्धार्थ ने बृहस्पतिवार सुबह एक पोस्ट में राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया।

भाषा सलीम वैभव शोभना

शोभना


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