मथुरा (उप्र), दो जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पुलिस ने राधाकुण्ड में आश्रम बनाकर बेहतर नौकरी दिलाने एवं अध्यात्म का पाठ पढ़ाने का झांसा देकर उच्च शिक्षित युवतियों का शोषण करने के आरोप में एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो अक्सर इंजीनियर युवतियों को ही अपना शिकार बनाता था।
पुलिस ने आरोपी के पास से अलग—अलग राज्यों की दो युवतियों एवं एक युवक को भी मुक्त कराया है। उन्होंने बताया कि युवक एवं युवतियों के परिजन उन्हें अपने साथ ले गए हैं ।
पुलिस के मुताबिक ताजा मामला तब प्रकाश में आया जब छत्तीसगढ़ की रहने वाली 22 वर्षीय बीएससी नर्सिंग की छात्रा ने 25 मई को गोवर्धन थाने में प्राथमिकी दर्ज करवायी।
युवती का आरोप है कि बाबा ने पहले तो भगवान का प्रसाद बताकर पीड़िता को नशीला पदार्थ मिला दूध पिलाया और बेहोश होने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लाील फोटो—वीडियो बना लिए।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद वह युवती एक बार तो अपने घर वापस चली गई, परंतु जब आरोपी ने उसे फोन कर धमकी दी कि वह उसे पांच लाख रुपए दे, अन्यथा उसके वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर देगा।
उन्होंने बताया कि इसके बाद माता—पिता की सलाह पर युवती ने गोवर्धन पहुंचकर मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस की कार्रवाई से उसके कुकर्मों का भण्डाफोड़ हुआ है।
गोवर्धन क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बीते माह दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने शिकायत की जांच की तो पता चला कि पीड़िता मथुरा में रहकर भारतीय तेल निगम में प्रशिक्षण ले रही अपनी बड़ी बहिन से मिलने आई थी।
उन्होंने बताया कि उसकी बहिन राधाकुण्ड में ओडिशा के रहने वाले अभिषेक मिश्र उर्फ आदिकर्ता नारायण दास के ही मकान में रहती थी तथा उसकी मण्डली में भजन-कीर्तन करती थी और गीता ज्ञान का पाठ पढ़ती थी।
उसने बताया कि 17 मई को जब वह अपनी बहन के कमरे में थी, तभी रात नौ बजे अभिषेक मिश्रा वहां आया। उसने गिलास में दूध देते हुए बोला कि यह भगवान का प्रसाद है, इसे पी लो, इस पर छात्रा ने बेमन से वह दूध पी लिया जिसके बाद वह बेहोश हो गयी।
आरोप है कि अभिषेक मिश्रा (29) ने बेहोशी की अवस्था में उसके साथ दुष्कर्म कर वहां से चला गया। पीड़िता ने बताया कि सुबह वह फिर आया और फिर से दुष्कर्म का प्रयास करने लगा और विरोध करने पर उसने युवती, उसकी बहिन व माता—पिता आदि सभी को जान से मारने की धमकी दी और इस घटना से बुरी तरह आहत व घबराई हुई युवती उसी दिन अपने घर वापस चली गयी।
उन्होंने बताया कि लेकिन उसने तब भी पीछा नहीं छोड़ा और फोन कर पांच लाख रुपए की मांग करने लगा। पीड़ता ने बताया कि आरोपी ने धमकी दी कि उसके अश्लील वीडियो सार्वजनिक कर देगा। इससे परेशान युवती अवसाद में चली गई, जिसके बाद पिता के पूछने पर उसने सारी बात बता दी।
उसने पिता की सलाह पर पुलिस में शिकायत करने का निर्णय किया और 25 मई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी आपबीती सुनाई। एसएसपी के आदेश पर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
सिंह ने बताया कि सोमवार देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को आरोपी के मोबाइल से दर्जन भर से अधिक युवक-युवतियों के अश्लील फोटो भी मिले हैं।
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि वह यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया पर ऑनलाइन प्रवचन देता था। इसके बाद कई लोग उसके प्रभाव में आकर उससे संपर्क करते थे। शुरुआत में वह लोगों से ज्ञान और धर्म की बातें करता था, लेकिन उसके निशाने पर पढ़ी-लिखी और बड़ी कंपनियों में जॉब करने वाली युवतियां रहती थीं।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन प्रवचन देने के बाद वह उन्हें जाल में फंसाता था, फिर मथुरा बुलाता और पहचान बढ़ जाने पर प्रसाद के नाम पर नशीला पदार्थ देकर वह शारीरिक संबंध बनाता था। शिकार के अश्लील फोटो-वीडियो भी बना लेता था। मौका मिलते ही उन्हें ब्लैकमेल करता था।
पुलिस को दिए गए बयान में उसने बताया है कि वह पांच साल पहले आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया, फिर एक कंपनी में 20 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी की, लेकिन नौकरी छोड़कर वह मथुरा आ गया।
अरोपी के हवाले से पुलिस ने बताया कि वह यहां तीन साल से रह रहा है, पहले राधाकुण्ड में किराए पर मकान लिया, फिर खरीद लिया।
देहात पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को आरोपी अभिषेक मिश्रा को उसके मकान से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि मौके से दो युवतियों और एक युवक को सुरक्षित मुक्त कराया गया है।
युवक और युवतियों को उनके परिवार को सौंप दिया गया है। भाषा सं जफर मनीषा रंजन
रंजन