Meerut Ambedkar Jayanti Vivad: शिव जी नहीं बल्की बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर दूध चढ़ाने निकले सपा कार्यकर्ता, पर हो गया बवाल, पुलिस ने जो कहा…

Meerut Ambedkar Jayanti Vivad: शिव जी नहीं बल्की बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर दूध चढ़ाने निकले सपा कार्यकर्ता, पर हो गया बवाल, पुलिस ने जो कहा...

Meerut Ambedkar Jayanti Vivad: शिव जी नहीं बल्की बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर दूध चढ़ाने निकले सपा कार्यकर्ता, पर हो गया बवाल, पुलिस ने जो कहा…

ambedakar jayanti/ image source: sachin gupta x handle

Modified Date: April 14, 2026 / 10:18 am IST
Published Date: April 14, 2026 10:18 am IST
HIGHLIGHTS
  • मेरठ में पुलिस-कार्यकर्ता आमने-सामने
  • आंबेडकर प्रतिमा पर दूध विवाद
  • पुलिस ने कार्यक्रम रोक दिया

Meerut Ambedkar Jayanti Vivad: मेरठ: उत्तर प्रदेश के Meerut जिले में Samajwadi Party के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच उस समय तीखी बहस देखने को मिली, जब कार्यकर्ता Bhim Rao Ambedkar की प्रतिमा पर दूध चढ़ाने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि आंबेडकर जयंती से पहले यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने बार-बार पुलिस से अपील की कि उन्हें बाबा साहब का सम्मान करने दिया जाए, लेकिन पुलिस अपने आदेशों का हवाला देते हुए अड़ी रही।

मेरठ में पुलिस-कार्यकर्ता आमना-सामना

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश मिला है कि किसी भी नए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना उच्च अधिकारियों की मंजूरी के इस तरह की गतिविधि नहीं हो सकती। जब कार्यकर्ताओं ने पूछा कि पहले ऐसे कार्यक्रम होते रहे हैं, तो पुलिस ने जवाब दिया कि इस बार अनुमति नहीं है और “नई परंपरा” शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। समाजवादी पार्टी के नेता सम्राट मलिक ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रतिमा पर माल्यार्पण और दूध चढ़ाने से रोका गया, जबकि यह सम्मान का प्रतीक है।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया, तो कुछ ने इस तरह के आयोजनों को दिखावा करार दिया। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अगर किसी को रोका जा रहा है तो यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें:


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।