मेरठ की शाही जामा मस्जिद के नीचे प्राचीन बौद्ध मठ या मंदिर होने का दावा, एएसआई सर्वे की मांग

मेरठ की शाही जामा मस्जिद के नीचे प्राचीन बौद्ध मठ या मंदिर होने का दावा, एएसआई सर्वे की मांग

मेरठ की शाही जामा मस्जिद के नीचे प्राचीन बौद्ध मठ या मंदिर होने का दावा, एएसआई सर्वे की मांग
Modified Date: September 9, 2026 / 10:19 pm IST
Published Date: September 9, 2026 10:19 pm IST

मेरठ (उप्र), नौ सितंबर (भाषा) मेरठ की ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद को लेकर एक नया दावा सामने आया है। एक अधिवक्ता ने दावा किया है कि मस्जिद के नीचे प्राचीन बौद्ध मठ या मंदिर के अवशेष मौजूद हो सकते हैं। उन्होंने इसकी वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की है।

अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मस्जिद का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की।

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा संरचना की कुछ वास्तुशिल्प विशेषताओं से वहां पहले एक प्राचीन धार्मिक स्थल मौजूद होने की संभावना का पता चलता है।

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बुधवार को कहा, ‘‘मस्जिद के संबंध में हमें एक ज्ञापन मिला है। उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।’’

हिंदू सुरक्षा संगठन के सचिन सिरोही ने मांग का समर्थन किया।

सिरोही ने बुधवार को दावा कया कि मस्जिद के कुछ हिस्सों में मंदिर जैसी वास्तुशिल्प विशेषताएं प्रदर्शित हैं और इतिहासकारों को इस स्थल पर बौद्ध मंदिर से जुड़े एक स्तंभ पाए जाने की जानकारी है।

हालांकि, दावों को पुरातात्विक साक्ष्यों के माध्यम से स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं किया गया है।

शाही जामा मस्जिद को लेकर इससे पहले भी इसके इतिहास और निर्माण को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतों में मेरठ की जामा मस्जिद का निर्माण मध्यकालीन दौर से जोड़ा जाता है, जबकि कुछ इतिहासकारों ने इस क्षेत्र में प्राचीन बौद्ध अवशेषों की मौजूदगी का उल्लेख किया है।

फिलहाल, शाही जामा मस्जिद के नीचे बौद्ध मठ या मंदिर होने के दावे पर एएसआई की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में पुरातात्विक सर्वेक्षण के बाद ही इन दावों की ऐतिहासिक और वैज्ञानिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

भाषा सं जफर सुरभि

सुरभि


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