पिछली सरकारों के शासन में नहीं बनने दिये जाते थे स्वतंत्रता सेनानियों के स्मारक : योगी

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पिछली सरकारों के शासन में नहीं बनने दिये जाते थे स्वतंत्रता सेनानियों के स्मारक : योगी

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  • Publish Date - August 10, 2026 / 02:57 PM IST,
    Updated On - August 10, 2026 / 02:57 PM IST

गोरखपुर (उप्र), 10 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पूर्ववर्ती सरकारों पर स्वतंत्रता सेनानियों को समुचित सम्मान नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकारों के राज में उनकी मूर्तियां स्थापित नहीं होने दी जाती थीं और न ही उनके स्मारक बनने दिये जाते थे।

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में ‘तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत से पहले अपने संबोधन में किसी का नाम लिए बगैर नेहरू—गांधी परिवार पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”एक ही परिवार के नाम से सभी संस्थाओं का नाम होता था। उसी परिवार के नाम पर सभी योजनाएं घोषित होती थीं लेकिन आज इन क्रांतिकारियों को सम्मान दिया जा रहा है और आज शुरू होने वाली तिरंगा यात्रा भारत के अमर बलिदानियों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।”

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि देश में आजादी की क्रांति के लिए लखनऊ के काकोरी में हुई घटना को अंग्रेजों ने ‘डकैती’ कहा था और यह दुर्भाग्य की बात है कि आजादी के बाद से 2022 तक देश के स्कूलों में यही पढ़ाया जाता रहा कि काकोरी की घटना डकैती थी। उन्होंने कहा, ”क्रांतिकारी का इससे बड़ा अपमान और क्या हो सकता है?”

आदित्यनाथ ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना के बारे में कहा है कि यह भारत की आजादी का मंत्र था क्योंकि जो लोग देश को लूट रहे थे उन्हें लूट करके वह खजाना वापस देश के लिए लाने का काम क्रांतिकारियों ने किया था।

मुख्यमंत्री ने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्र सिंह लाहिड़ी समेत तमाम क्रांतिकारियों को नमन करते हुए कहा कि इन क्रांतिकारियों को जो सम्मान पिछली सरकारों के शासनकाल में नहीं मिला, आज तिरंगे को सम्मान देकर और राष्ट्रीय गीत तथा राष्ट्रगान का सम्मान करके हम उन क्रांतिकारियों को इज्जत दे सकते हैं।

आदित्यनाथ ने यह भी दावा किया कि वर्ष 1947 के बाद कांग्रेस और अन्य दलों की सरकारों ने नागरिकों को देश का राष्ट्रीय ध्वज अपने घरों पर लगाने का अधिकार नहीं दिया लेकिन 2022 में केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने राष्ट्रीय ध्वज संहिता में संशोधन करते हुए इसका मार्ग प्रशस्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस वर्ष पांच करोड़ घरों पर तिरंगा लहराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि हर संस्था, हर सरकारी, अर्द्ध सरकारी एवं निजी संस्थानों, उद्योगों तथा व्यापारिक संस्थानों में भी तिरंगा लहराया जाएगा।

उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे तिरंगा यात्रा का हिस्सा बनें, तिरंगे को घर ले जाकर ‘सेल्फी विद तिरंगा’ खींचकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्रति सम्मान का यह भाव हर नागरिक का दायित्व बनना चाहिए।

भाषा सलीम रंजन नरेश

नरेश