मुरादाबाद, 28 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर की 38 संरचनाओं के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण से जुड़े मामले में मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत तीन अगस्त को सुनवाई करेगी।
मामले की सुनवाई मंगलवार को प्रस्तावित थी लेकिन सोमवार को एक वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन पर आयोजित शोक सभा के बाद वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण इसे टाल दिया गया।
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने सोमवार को याचिकाकर्ता के वकील की ओर से दाखिल अर्जी पर मामले की सुनवाई करते हुए अगले आदेश तक प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी थी।
सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि एहतियाती उपाय के तौर पर अंतरिम आदेश जारी किया गया है।
उन्होंने कहा, “अगर मंगलवार को न्यायिक कार्य निलंबित रहता और रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) तथा जिला प्रशासन 38 संरचनाओं को ध्वस्त करने की कार्रवाई आगे बढ़ाते तो इससे जटिलताएं उत्पन्न हो सकती थीं।”
मंडलायुक्त ने बताया कि अब मामले की अगली सुनवाई तीन अगस्त को होगी। इससे पहले 15 जुलाई को आरडीए ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 15 दिनों के भीतर 40 इमारतों में से 38 को ध्वस्त करने का निर्देश दिया था।
प्राधिकरण का आरोप था कि इन संरचनाओं का निर्माण आवश्यक मंजूरी के बिना किया गया है।
ध्वस्तीकरण के लिए दी गई समय-सीमा 30 जुलाई को समाप्त हो रही है। प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
समाजवादी पार्टी सहित कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी कार्रवाई का विरोध करते हुए आदेश वापस लेने की मांग की थी।
मंडलायुक्त द्वारा ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद मंगलवार को विद्यार्थियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
भाषा सं जफर जितेंद्र
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