उप्र : मुजफ्फरनगर में 27 साल पुराने अपहरण-हत्या मामले में दोषी को फांसी की सजा

उप्र : मुजफ्फरनगर में 27 साल पुराने अपहरण-हत्या मामले में दोषी को फांसी की सजा

उप्र : मुजफ्फरनगर में 27 साल पुराने अपहरण-हत्या मामले में दोषी को फांसी की सजा
Modified Date: August 12, 2026 / 08:49 pm IST
Published Date: August 12, 2026 8:49 pm IST

मुजफ्फरनगर, 12 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर की एक स्थानीय अदालत ने करीब 27 साल पहले फिरौती के लिए लकड़ी कारोबारी का अपहरण कर उसकी हत्या करने के मामले में एक व्यक्ति को बुधवार को मौत की सजा सुनाई।

न्यायाधीश रवि कुमार दीवाकर ने दोषी शाहनवाज पर एक लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने उसे 1999 में सलीम के अपहरण और हत्या का दोषी ठहराया।

सरकारी अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि लकड़ी कारोबारी सलीम का पांच लाख रुपये की फिरौती के लिए अपहरण किया गया था। बाद में नौ दिसंबर 1999 को छपार थाना क्षेत्र के तेजलहेड़ा गांव के पास जंगल में गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई थी।

उन्होंने बताया कि सलीम के चाचा शहदाब ने 26 जनवरी 2000 को शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने शाहनवाज और दो अन्य आरोपियों-शोकीन तथा एहसान के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

सरकारी अधिवक्ता के अनुसार, शोकीन और एहसान की पुलिस के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में मौत हो गई, जबकि शाहनवाज के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी रही।

भाषा

सं, राजेंद्र रवि कांत


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