लखनऊ की एनआईए अदालत ने अल-कायदा से जुड़े तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई

लखनऊ की एनआईए अदालत ने अल-कायदा से जुड़े तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई

लखनऊ की एनआईए अदालत ने अल-कायदा से जुड़े तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई
Modified Date: April 13, 2026 / 10:49 pm IST
Published Date: April 13, 2026 10:49 pm IST

लखनऊ, 13 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने अल-कायदा से जुड़े अंसार गजवातुल हिंद के तीन सदस्यों को भारत सरकार के खिलाफ साजिश रचने और उत्तर प्रदेश में आतंकी हमलों की योजना बनाने का दोषी करार देते हुए सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (एनआईए) जैनेंद्र कुमार पांडे ने सुनवाई पूरी करने के बाद तीन आरोपियों मुशीरुद्दीन, मिन्हाज और तौहीद को सजा सुनाई।

उन्होंने बताया कि मिन्हाज और मुशीरुद्दीन पर 1.42 लाख रुपये जबकि तौहीद पर 85,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, ये आरोपी संगठन में सदस्यों की भर्ती करने, हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने, राज्य के भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों, विशेष रूप से लखनऊ में बम विस्फोट करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थे।

विशेष लोक अभियोजक एमके सिंह ने बताया कि इस संबंध में उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंक निरोधक दस्ता (एटीएस) के निरीक्षक सुशील कुमार ने 11 जुलाई, 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

कुमार में बताया गया था कि अल-कायदा का एक आतंकवादी पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र में रहकर भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए सदस्यों की भर्ती कर रहा है।

जांच में पता चला कि मिन्हाज से ऑनलाइन संपर्क किया गया था और बाद में उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अंसार गजवातुल हिंद के लिए युवाओं की भर्ती की साजिश रची।

अभियोजक ने बताया कि मुशीरुद्दीन को उत्तर प्रदेश में हमले करने के लिए भर्ती किया गया था, जबकि आरोपियों ने संभावित लक्ष्यों की रेकी भी की थी। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई, 2021 को एटीएस ने लखनऊ के दुबग्गा-काकोरी इलाके में मिन्हाज के आवास पर छापा मारा और भारी मात्रा में विस्फोटक, एक अवैध पिस्तौल, कारतूस और एक देसी बम बरामद किया, जिसके बाद मिन्हाज और मुशीरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान मोहम्मद मोईद, शकील और मोहम्मद मुस्तकीम समेत अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए।

अभियोजन पक्ष ने कहा कि समूह ने 15 अगस्त, 2021 को विस्फोट करने की योजना बनाई थी, जिसका कथित उद्देश्य राम मंदिर फैसले के विरोध में भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील स्थलों को निशाना बनाना था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच बाद में एनआईए को सौंप दी गई, जिसने विस्तृत जांच के बाद 29 जुलाई, 2021 को पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। एनआईए ने आरोपों को साबित करने के लिए 42 गवाहों से पूछताछ की और अदालत के समक्ष 149 दस्तावेज और 109 साक्ष्य प्रस्तुत किए।

अधिकारियों ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

भाषा सं आनन्द जोहेब

जोहेब


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