लखनऊ, 13 मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार सुबह अपने सौतेले भाई प्रतीक यादव के निधन को ‘अत्यंत दुखद’ बताया और कहा कि मामले की जांच को लेकर परिवार जैसा कहेगा, उसी हिसाब से निर्णय लिया जाएगा।
यादव सुबह लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल पहुंचे और फिर वहां से किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) गये, जहां प्रतीक के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। वह करीब 45 मिनट तक केजीएमयू में रहे और इसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत की।
सपा प्रमुख ने कहा कि प्रतीक अपनी मेहनत से कुछ करना चाहते थे और यह बहुत दुखद है कि वह अब उनके बीच नहीं हैं।
जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि क्या प्रतीक की मौत के मामले में जांच होनी चाहिये, तो उन्होंने कहा, ”स्वाभाविक है जो कानून कहता है और जो परिवार के लोग कहेंगे, उस हिसाब से हम लोग बात मानेंगे।”
सूत्रों के अनुसार 38 साल के प्रतीक को अचानक तबीयत खराब होने पर सुबह सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सपा प्रमुख ने इससे पहले ‘एक्स’ पर एक संक्षिप्त पोस्ट में कहा, ”श्री प्रतीक यादव का निधन, अत्यंत दुखद! ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि!”
प्रतीक को कुछ समय पहले तबीयत खराब होने पर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अखिलेश यादव ने करीब 10 दिन पहले उनसे मुलाकात की थी।
प्रतीक सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे।
फिटनेस के प्रति गंभीर रहने वाले प्रतीक बेहद प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद सियासत से दूर रहते थे। हालांकि प्रतीक की पत्नी अपर्णा बिष्ट यादव भाजपा में शामिल हो गई थीं और वर्तमान में वह राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं।
भाषा सलीम वैभव
वैभव