Ram Mandir CEO Interview: जनेऊ पहनते हैं..शराब पीते हैं…राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ पद के लिए पूछे गए कई सवाल, चयन प्रक्रिया पर इन संतों ने उठाए सवाल

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Ram Mandir CEO Interview: जनेऊ पहनते हैं..शराब पीते हैं...राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ पद के लिए पूछे गए कई सवाल, चयन प्रक्रिया पर इन संतों ने उठाए सवाल

  • Reported By: Apurva Pathak

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  • Publish Date - August 12, 2026 / 04:31 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 04:52 PM IST

Ram Mandir CEO Interview: जनेऊ पहनते हैं..शराब पीते हैं...राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ पद के लिए पूछे गए कई सवाल, चयन प्रक्रिया पर इन संतों ने उठाए सवाल /image: Social Media

HIGHLIGHTS
  • 18 उम्मीदवारों में से CEO पद के लिए चयन प्रक्रिया जारी, तीन सदस्यीय समिति इंटरव्यू ले रही है
  • उम्मीदवारों से प्रशासनिक अनुभव, धार्मिक आस्था, मंदिर प्रबंधन, भीड़ प्रबंधन और विजन से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं
  • संत समाज के कुछ सदस्यों ने CEO की नियुक्ति और मंदिर के प्रशासनिक संचालन को लेकर आपत्ति जताई है

अयोध्या। Ram Mandir CEO Interview: यूपी के अयोध्या स्थित राम मंदिर (Ram Mandir Latest News) ट्रस्ट के CEO चयन के लिए आज इंटरव्यू (Ram Mandir CEO Recruitment) का दूसरा दिन है। 18 उम्मीदवारों में से पहले दिन 8 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया गया, जबकि आज बाकी उम्मीदवारों का इंटरव्यू हो रहा है। तीन सदस्यीय चयन समिति उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव, धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन, भीड़ प्रबंधन और श्रीराम जन्मभूमि के लिए विजन को परख रही है। इंटरव्यू में उम्मीदवारों की धार्मिक आस्था और जीवनशैली से जुड़े सवाल भी पूछे जा रहे हैं। उम्मीदवारों से जनेऊ पहनने, हिंदू धर्म में आस्था, शाकाहारी होने, शराब का सेवन करने और हिंदू परंपराओं के अनुरूप पोशाक पहनने को लेकर सवाल किए जा रहे हैं।

मंदिरों को CEO के जरिए नहीं चलाया जाना चाहिए: आचार्य मिथिलेश नंदिनी (Ayodhya News Today)

Ram Mandir CEO Interview इसी बीच राम मंदिर की धार्मिक समिति के सदस्य आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने CEO की नियुक्ति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौलिक रूप से मंदिरों को CEO के जरिए नहीं चलाया जाना चाहिए। मंदिर की व्यवस्था का अधिकार भगवान के प्रति निष्ठावान लोगों के पास होना चाहिए। आचार्य ने कहा कि ऐसे लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए जिनका जीवन मंदिर, मठ और आश्रम की परंपराओं में बीता हो। प्रशासनिक दक्षता रखने वाला व्यक्ति व्यवस्था संभाल सकता है, लेकिन उसकी निष्ठा प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अधिक होने की आशंका हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश के कई बड़े मंदिरों में CEO के जरिए व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं। श्रीराम मंदिर में CEO नियुक्त होता है तो वह इसका विरोध नहीं करेंगे, लेकिन CEO की भूमिका और उसके अधिकार स्पष्ट होना बेहद जरूरी है।

वेदों, उपनिषदों का ज्ञान रखने वाला ही योग्य: संत सीता रामदास 

Ram Mandir CEO Interview वहीं, अयोध्या के प्रसिद्ध संत सीता रामदास जी महाराज ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में जो सीईओ (Ram Mandir CEO Selection) पद की नियुक्ति की बात कही जा रही है, वह अपने आप में बेहद शर्मनाक और दुखद है। इसकी मैं निंदा करता हूँ। कतई संत समाज श्री राम जन्मभूमि में सीईओ पद की नियुक्ति नहीं होने देगा। आप प्रधान सेवक के रूप में और सीईओ पद की नियुक्ति यह सरकारीकरण की योजना है। राम जन्मभूमि मंदिर के पिछले दरवाजे से सरकारीकरण की जो नीति चल रही है, वह अपने आप में जो है शर्मनाक है। मैं पूछना चाहूँगा ऐसे हज़ारों मठ-मंदिर के पैसे आज ईसाई मिशनरियों में जा रहे हैं, जो है मस्जिद और मदरसों में जा रही है, जिस पैसे से धर्मांतरण हो रहा है। मैं पूछना चाह रहा हूँ सरकार अभी बहुत अच्छी है, सरकार सनातन की है, सरकार सनातन संस्कृति की जो है रक्षा करने की बात करती है, इसकी रक्षा करने वाली सरकार है। लेकिन जब कभी-कदाचित विधर्मियों की सरकार आ जाएगी तो क्या होगा? इसके लिए संत समाज चिंतित है और जायज़ में इनका चिंतन है।

उन्होंने आगे कहा कि निश्चित तौर पर आप किसी योग्य व्यक्ति को जो हमारे मठ-मंदिर की विधि-व्यवस्था, परंपरा और धार्मिक संस्कृति का ज्ञान रखने वाला लोग हो- संस्कृति का ज्ञान हो, वेदों का ज्ञान हो, उपनिषदों का ज्ञान हो, धर्मग्रंथों का ज्ञान हो- और जो मठ-मंदिरों में जो है अपनी सेवा दिया हो, जिसकी भावना भगवान के प्रति समर्पण की हो, निष्ठा की हो, नैतिकता की हो, ऐसे लोगों को ही आप श्री राम जन्मभूमि में जो है चढ़ावा में ऑडिट संबंधित पद पर रख सकते हैं। लेकिन किसी भी सरकारी कर्मचारी को कदाचित सीईओ पद के नाम से नियुक्ति होने के लिए संत समाज कदाचित नहीं देगा। अगर आप ऐसा करते हैं, संत समाज मुखर होकर इसका विरोध करेगा। विरोध नहीं, ऐसा आंदोलन कर दिया जाएगा कि अच्छे-अच्छे लोगों को सबक सीखने पर मजबूर हो जाएँगे।

तीन दिन की इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति 18 उम्मीदवारों में से तीन नामों की सिफारिश ट्रस्ट को करेगी। इन तीन नामों में से राम मंदिर ट्रस्ट CEO के लिए अंतिम फैसला करेगा।

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राम मंदिर CEO के चयन के लिए कितने उम्मीदवारों का इंटरव्यू हो रहा है?

कुल 18 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जा रहा है। चयन समिति इनमें से तीन नामों की सिफारिश ट्रस्ट को करेगी।

राम मंदिर CEO के इंटरव्यू में किन बातों पर सवाल पूछे जा रहे हैं?

उम्मीदवारों से प्रशासनिक अनुभव, धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन, भीड़ प्रबंधन, श्रीराम जन्मभूमि के लिए विजन और धार्मिक आस्था से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं।

राम मंदिर CEO की अंतिम नियुक्ति कौन करेगा?

तीन नामों की सिफारिश के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अंतिम निर्णय करेगा।

संत समाज CEO की नियुक्ति का विरोध क्यों कर रहा है?

कुछ संतों का कहना है कि मंदिर की व्यवस्था में धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक निष्ठा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए तथा CEO की भूमिका और अधिकार स्पष्ट होने चाहिए।

राम मंदिर CEO चयन प्रक्रिया कब पूरी होगी?

तीन दिन की इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति तीन नाम ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद अंतिम फैसला होगा।