ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों का रील बनाना अनुशासनहीनता है:आदित्यनाथ
ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों का रील बनाना अनुशासनहीनता है:आदित्यनाथ
लखनऊ, 17 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया रील बनाने के प्रति आगाह करते हुए कहा कि इस तरह के कृत्य अनुशासनहीनता हैं और बल की गरिमा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
लखनऊ में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड द्वारा भर्ती किए गए 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य को ड्यूटी पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए और आत्म-अनुशासन बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘याद रखें, ऐसा तभी हो सकता है जब आप आत्म-अनुशासन की भावना बनाए रखें। हम अक्सर देखते हैं कि ड्यूटी के दौरान कई लोग रील बनाते रहते हैं। यह अनुशासनहीनता का हिस्सा है। उस समय ड्यूटी के प्रति सतर्क रहना होता है, रील नहीं बनाना होता।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपने काम से जुड़ी जिम्मेदारी के प्रति सचेत रहना चाहिए और ऐसे कार्यों से बचना चाहिए जो बल को उपहास का विषय बना सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि हम जो काम करते हैं, उसमें समान स्तर की सतर्कता और गंभीरता की आवश्यकता होती है। गरिमा के साथ किया गया हर काम परिणाम देता है। किसी को भी ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जो अनावश्यक रूप से हमें हंसी का विषय बना दे।’’
आदित्यनाथ ने नव नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों से ‘डिजिटल योद्धा’ के रूप में काम करने और प्रौद्योगिकी के माध्यम से पुलिस प्रणाली को मजबूत करने में योगदान देने का भी आग्रह किया।
पुलिस भर्ती के बारे में बात करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार के तहत भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और बिना भेदभाव के पूरी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मजबूत कानून व्यवस्था की शुरुआत निष्पक्ष भर्ती, उचित प्रशिक्षण और अनुशासित कार्यप्रणाली से होती है।
उन्होंने नवनियुक्त से उत्तर प्रदेश की बेहतर छवि बनाने की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया और कहा कि विकास और सुशासन के लिए हर स्तर पर टीम भावना से काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश की अच्छी पहचान केवल मुख्यमंत्री, मंत्रियों, जन प्रतिनिधियों, मुख्य सचिव या डीजीपी के स्तर पर नहीं बनाई जा सकती। इसके लिए सभी को अपने-अपने क्षेत्र में एक टीम के रूप में काम करना होगा।’’
भाषा जफर संतोष
संतोष

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