दो कथित आतंकियों के खिलाफ मुकदमे में धीमी प्रगति पर रिपोर्ट तलब

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दो कथित आतंकियों के खिलाफ मुकदमे में धीमी प्रगति पर रिपोर्ट तलब

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 08:40 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 08:40 PM IST

लखनऊ, छह अगस्त (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने एक विशेष एनआईए/एटीएस अदालत से एक समग्र रिपोर्ट तलब करते हुए पूछा है कि दो कथित आतंकियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामले में सुनवाई क्यों आगे नहीं बढ़ी जबकि मुकदमे का जल्द निस्तारण का बार-बार निर्देश दिया गया है।

न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा की पीठ ने कहा कि अधीनस्थ अदालत ने उच्च न्यायालय के पूर्व के आदेशों का अनुपालन करने में उचित सक्रियता नहीं दिखाई और मुकदमे में कोई प्रगति प्रतीत नहीं होती है।

पीठ ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत इन आरोपियों के मौलिक अधिकार पर विचार करने की जरूरत है।

आरोपी अनसद बदरुद्दीन और फिरोज 17 फरवरी, 2021 से न्यायिक हिरासत में हैं। इनके खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां (निरोधक) कानून, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इन आरोपियों द्वारा नए सिरे से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने 18 गवाहों का हवाला दिया है, लेकिन प्राथमिकी दर्ज कराने वाले से जिरह अधूरी पड़ी हुई है।

अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को निर्धारित की है।

भाषा सं राजेंद्र संतोष

संतोष