RLD vs Samajwadi Party | Photo Credit: IBC24
लखनऊ: RLD vs Samajwadi Party समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सपा के साथ चल रही जुबानी जंग के बीच अब राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने अखिलेश यादव के प्रस्तावित बुलंदशहर दौरे के रद्द होने पर निशाना साधा है। रालोद प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने दावा किया कि पश्चिम यूपी में 36 बिरादरी के विरोध के चलते सपा को पहले सहारनपुर और अब बुलंदशहर की रैली रद्द करनी पड़ी। दरअसल अखिलेश यादव का 11 सितंबर को बुलंदशहर दौरा प्रस्तावित था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। इससे पहले उनका सहारनपुर दौरा भी रद्द हुआ था। इन दोनों घटनाओं को लेकर रालोद ने सपा पर हमला तेज कर दिया है।
RLD vs Samajwadi Party रोहित अग्रवाल ने वीडियो जारी कर कहा कि अब अखिलेश यादव को समझ में आ गया होगा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘चौधरी’ कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने उस चौधरी परिवार का अपमान करने का प्रयास किया, जिसने उनके (अखिलेश के) परिवार को राजनीति की ‘ABCD’ सिखाने का काम किया।
रालोद प्रवक्ता ने कहा कि समाज को बांटने की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एसी कमरों में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें करना आसान है, लेकिन चुनाव के समय जनता के बीच जाना पड़ता है। अग्रवाल ने दावा किया कि पश्चिमी यूपी का किसान लट्ठ लेकर अपने मान-सम्मान का हिसाब मांगने के लिए तैयार है।
रोहित अग्रवाल ने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि सपा को वोट मांगने के लिए जमीन पर उतरना पड़ेगा। ऑडिटोरियम में बैठकर चुनाव नहीं जीता जा सकता। रालोद प्रवक्ता ने दावा किया कि जाट समाज और चौधरी परिवार के अपमान पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता अखिलेश यादव को चुनाव में जवाब देगी। अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक-एक सीट के लिए तरस जाएगी और उसका खाता तक नहीं खुलेगा।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते 17 अगस्त को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) प्रमुख जयंत चौधरी पर तंज कसा था। इसमें उन्होंने कहा था कि गठबंधन में न जाने कहां-कहां से लोग आ गए थे, जिन्हें उन्होंने “चवन्नी से रुपया बना दिया था”, लेकिन वे फिर भी साथ छोड़कर चले गए।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने भी मुजफ्फरनगर में बयान दिया कि सपा ने चवन्नी को रुपया बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को राजनीति की एबीसीडी तक नहीं आती थी, उन्हें समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक मंच दिया और आगे बढ़ाने का काम किया। इस बयानबाजी पर राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज के स्वाभिमान को ठेस पहुंचा रही है।