Govt Employees Salary Cut | Photo Credit: IBC24
जबलपुर: Govt Employees Salary Cut मध्यप्रदेश सरकार के लाखों कर्मचारियों को जबलपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने राज्य के कर्मचारियों के प्रोबेशन पीरियड में 3 सालों तक की जाने वाली वेतन कटौती को अवैध ठहरा दिया है। कोर्ट ने वेतन कटौती को समानता के अधिकार के खिलाफ बताया है और सरकार को आदेश दिया है कि वो अपने कर्मचारियों को उनकी ज्वाईनिंग डेट से ही पूरा यानि सौ फीसदी वेतन दें। (Jabalpur High Court salary case) हाईकोर्ट के इस फैसले को कर्मचारी संगठन न्याय की बड़ी जीत बता रहे हैं। जबलपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों से जुड़े एक मुद्दे पर दायर, कई याचिकाओं पर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार का सत्तर, अस्सी और नब्बे फीसदी वेतन कटौती का फार्मूला अवैध बताकर रद्द कर दिया है।
Govt Employees Salary Cut दरअसल राज्य सरकार ने ये फार्मूला 25 नवंबर 2019 को जारी एक नोटिफिकेशन से लागू किया था। जिसमें साल 2019 के बाद, ईएसबी यानि कर्मचारी चयन मण्डल के ज़रिए सरकारी नौकरी ज्वाईन करने वाले कर्मचारियों के 3 साल के प्रोबेशन पीरियड में उनकी सैलरी काट ली जाती है। इसमें ज्वाईनिंग के पहले साल 70 फीसदी, दूसरे साल 80 फीसदी, तीसरे साल 90 फीसदी सैलरी दी जाती थी और चौथे साल में जाकर कर्मचारियों को उनकी पूरी सैलरी मिलती थी। इस तरह का वेतन कटौती फार्मूला जब एमपी-पीएससी के ज़रिए सरकारी नौकरी ज्वाईन करने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं था तो इसे समानता के अधिकार के खिलाफ बताकर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
ऐसी कई याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने प्रोबेशन पीरियड में वेतन कटौती और कटौती का प्रावधान करने वाले नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को कर्मचारियों के वेतन से अब तक काटी गई राशि भी लौटाने के निर्देश दिए हैं।