सहारनपुर मस्जिद प्रकरण: सपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, अजय राय को पुलिस ने रोका

सहारनपुर मस्जिद प्रकरण: सपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, अजय राय को पुलिस ने रोका

सहारनपुर मस्जिद प्रकरण: सपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, अजय राय को पुलिस ने रोका
Modified Date: September 7, 2026 / 09:31 pm IST
Published Date: September 7, 2026 9:31 pm IST

लखनऊ/सहारनपुर, सात सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद गिराए जाने के मामले को लेकर सोमवार को सियासी सरगर्मी बढ़ गई। समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंडल प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की आलोचना की और मामले में न्यायिक प्रक्रिया का पालन करने की मांग की।

वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सहारनपुर जाने से रोकने के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने हिरासत में लिया।

मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अपर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित इस मस्जिद को पांच सितंबर को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गिराया गया था।

मलिक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 119 वर्ष पुरानी मस्जिद गिराए जाने के मामले में अपर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया है।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले में न्यायिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए और संविधान के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने समाज में आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील भी की।

प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, कैराना सांसद इकरा हसन, विधायक आशु मलिक, विधायक उमर अली और सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी समेत अन्य नेता शामिल थे।

मलिक ने बाद में पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि प्रतिनिधिमंडल के लिए सहारनपुर मंडलायुक्त से मुलाकात का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक तय था।

उन्होंने बताया कि वह सपा जिलाध्यक्ष के साथ सुबह 11 बजे मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे, लेकिन बाद में उन्हें अपर आयुक्त को ज्ञापन सौंपने के लिए कहा गया। मंडलायुक्त के दोपहर तक नहीं पहुंचने पर करीब 12.15 बजे उन्होंने अपर आयुक्त को ज्ञापन सौंप दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और कई सपा नेताओं को ‘हाउस अरेस्ट’ किया गया। मलिक ने कहा कि सोमवार सुबह से उनके घर पर पुलिसकर्मी तैनात थे और कई नेताओं को घरों से निकलने नहीं दिया गया।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय राजनीतिक नेताओं की घेराबंदी कर रही है। अखिलेश ने कहा कि सहारनपुर जा रहे सपा सांसदों और विधायकों के घरों को पुलिस ने घेर रखा है।

कैराना सांसद इकरा हसन ने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने और अधिकारियों से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय सोमवार को सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद गिराए जाने के मामले में प्रभावित लोगों और मस्जिद कमेटी के सदस्यों से मिलने के लिए लखनऊ से रवाना हुए।

कांग्रेस के अनुसार, पुलिस ने उन्हें लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय से निकलने के बाद मॉल एवेन्यू चौराहे पर रोक लिया। विरोध में अजय राय सड़क पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें और पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचाया। कुछ देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

अजय राय ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस नेता पीड़ितों की आवाज उठाने का प्रयास करते हैं, उन्हें रास्ते में रोक दिया जाता है, जो लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है।

राय ने कहा कि सरकार रास्ता रोक सकती है, लेकिन आवाज नहीं दबा सकती। कांग्रेस पीड़ितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

बजरंग दल के पूर्व संयोजक और मामले के शिकायतकर्ता विकास त्यागी ने दावा किया था कि मस्जिद बनने से पहले वहां मंदिर था। वर्ष 2025 में उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दाखिल कर कलेक्ट्रेट परिसर में बने ढांचे को अवैध बताया था।

सहारनपुर सिटी मजिस्ट्रेट ने इसे अवैध घोषित करते हुए हटाने का आदेश दिया था। मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ जिला अदालत में अपील की थी, जिसे दो सितंबर को खारिज कर दिया गया। इसके बाद पांच सितंबर को मस्जिद को गिरा दिया गया।

भाषा

सं, आनन्द रवि कांत


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